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खनन घोटाले की जांच को दिल्ली सीबीआई ने फतेहपुर में डाला डेरा, चार दिन तक चलेगी पूछताछ
Thu, 21 Nov 2019 06:21 PM IST
शिखा पांडेय
यूपी डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 21 Nov 2019 06:21 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : गूगल
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फतेहपुर में सपा शासनकाल में हुए अवैध खनन की जांच के लिए दिल्ली सीबीआई की टीम शहर में आ गई है। तीन सदस्यों की टीम डाक बंगले में ठहरी है। यह चार दिन तक यहां रुक सकती है। पट्टे धारकों, खनन के सिंडीकेट, तत्कालीन अधिकारियों को खनन संबंधी पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। खनन में अप्रत्यक्ष रूप से शामिल होकर अकूत संपत्ति कमाने वालों तक भी सीबीआई पहुंच सकती है।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी जिले में मानकों को दरकिनार कर वर्ष 2012 से 2014 के बीच मौरंग खनन पट्टों का आवंटन हुआ था। 2017 में सीबीआई ने जांच शुरू की। मामले में तत्कालीन डीएम अभय सिंह, असोथर के पट्टा धारक सुखराज निषाद और हरिहरगंज के शिवकुमार व कुछ अज्ञात लोगों पर सीबीआई ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी जिले में मानकों को दरकिनार कर वर्ष 2012 से 2014 के बीच मौरंग खनन पट्टों का आवंटन हुआ था। 2017 में सीबीआई ने जांच शुरू की। मामले में तत्कालीन डीएम अभय सिंह, असोथर के पट्टा धारक सुखराज निषाद और हरिहरगंज के शिवकुमार व कुछ अज्ञात लोगों पर सीबीआई ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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एफआईआर के बाद अब तीसरी बार बुधवार को सीबीआई टीम जांच को जिले में आई है। इससे पहले अगस्त माह में टीम आई थी। दिल्ली सीबीआई के निरीक्षक सुनील कुमार तीन सदस्यीय टीम के साथ बुधवार की शाम को डाक बंगले पहुंचे हैं।
उन्होंने जिला खनन अधिकारी मिथिलेश पांडेय को खनन से जुड़ी पत्रावलियों के साथ बुलाया। एक बंद कमरे में सीबीआई की टीम ने बातचीत की। कहा जा रहा है कि करोड़ों के घोटाले में अप्रत्यक्ष रूप से कई लोग शामिल है।
उन्होंने जिला खनन अधिकारी मिथिलेश पांडेय को खनन से जुड़ी पत्रावलियों के साथ बुलाया। एक बंद कमरे में सीबीआई की टीम ने बातचीत की। कहा जा रहा है कि करोड़ों के घोटाले में अप्रत्यक्ष रूप से कई लोग शामिल है।
अप्रत्यक्ष रूप से पर्दे के पीछे रहते हुए इस खेल में शामिल लोग भी अब सीबीआई की निशाने पर आ सकते हैं। सीबीआई अच्छी तरह से जान चुकी है कि खनन पट्टे के पीछे बड़े सिंडीकेट का हाथ है। अनियमित तरीके से पट्टे का होना भी उजागर हैं।
सीबीआई ने पट्टे धारकों के अलावा पूर्व में तैनात खनन विभाग के अधिकारी, कर्मचारी, राजस्व, प्रशासन, सिंडीकेट के करीब 20 लोगों की सूची तैयार कर रखी है। उनसे भी पूछताछ की जा सकती है।
सीबीआई ने पट्टे धारकों के अलावा पूर्व में तैनात खनन विभाग के अधिकारी, कर्मचारी, राजस्व, प्रशासन, सिंडीकेट के करीब 20 लोगों की सूची तैयार कर रखी है। उनसे भी पूछताछ की जा सकती है।