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जालौन केस: जावित्री के बयानों से सामने आएगी चार्जशीट की सच्चाई, एसपी बोले- आज सीबीसीआईडी के आने की संभावना

Thu, 17 Sep 2020 12:26 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौन Published by: शिखा पांडेय Updated Thu, 17 Sep 2020 12:26 AM IST
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Case of teenager alive after 12 years, Javitri's statements will reveal the truth of the charge sheet
12 साल बाद किशोरी के जिंदा मिलने का मामला - फोटो : अमर उजाला
जालौन जिले में करीब 12 साल पहले सीबीसीआईडी ने जिस किशोरी के अपहरण और हत्या में चार्जशीट लगाते हुए 10 लोगों को आरोपी बनाया, उस चार्जशीट की सच्चाई अब जावित्री के बयानों से सामने आएगी।
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एसपी यशवीर सिंह ने बताया कि पूरा मामला सीबीसीआईडी की देखरेख में ही चला था। उन्हीं की टीम अब जावित्री के 164 के बयान कराएगी। सीबीआईडी को पूरे मामले से मंगलवार की रात अवगत करा दिया गया है।
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संभावना है कि गुरुवार को टीम जनपद आकर जावित्री के बयान दर्ज करे। सन 2008 में कालपी स्थित नई बस्ती राम चबूतरा निवासी रज्जो ने 12 साल की बेटी जावित्री के अपहरण की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई थी।
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इसके कुछ दिन बाद घाटमपुर में किशोरी का शव मिला था। इसकी शिनाख्त रज्जो ने जावित्री के रूप में की थी। तब तक मामला सीबीसीआईडी के हाथ में पहुंच चुका था। दस लोगों के खिलाफ जावित्री के अपहरण और हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर जेल भेज दिया गया था।

मंगलवार को जावित्री के अलीगढ़ में होने की जानकारी से नया मोड़ आ गया। कालपी पुलिस उसे जिले में ले आई। जावित्री के जिंदा होने से सीबीसीआईडी की चार्जशीट पर भी सवाल उठने लगे हैं। एसपी का कहना है कि वह चार्जशीट के बारे में कुछ नहीं बता सकते।

उनकी जावित्री से अभी तक कोई बात नहीं हुई है। संभावना है कि गुरुवार को सीबीसीआईडी की टीम जिले में आकर जावित्री से पूछताछ करेगी। सीबीसीआईडी की जांच के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि जावित्री वाकई वही लड़की है, जिसका अपहरण हुआ था।  

स्वयं आई या लाई गई जावित्री
करीब बारह साल बाद जावित्री के सामने आने से कई सवाल सामने आ गए हैं। परिजनों का कहना है कि जावित्री ने स्वयं के प्रयास से घरवालों को ढूंढ निकाला है। पुलिस का कहना है कि आरोपी पक्ष के प्रयास से जावित्री का पता लगा है। अब उसे कालपी लाया जा सका है।

तीन थानों के बीच घूमती रही जावित्री
मंगलवार से जावित्री को पुलिस तीन थानों के बीच चकरघिन्नी बनाए है। कभी उसे कालपी थाने लाया जाता, तो कभी आटा और कभी उरई के महिला थाने में कुछ देर के लिए रखा जा रहा था। सूत्रों के अनुसार थाने जाने आने में हर थानेदार लिखापढ़ी से बचता रहा।

कुछ ऐसे हो सकते हैं सीबीसीआईडी के सवाल
- धार्मिक आयोजन से किस तरह लापता हो गई थी ?
- क्या उसे अपने अपहरण और हत्या होने की जानकारी थी ?
- जिस महिला को मिली, उससे घर जाने को क्यों नहीं कहा ?
- अपना नाम बदलकर अनीता कब और क्यों रखा ?
- उसे रखने वालों को जनपद में दर्ज मामले का पता क्यों नहीं चल सका ?
- शादी कब और किससे हुई ?
- क्या ससुराल पक्ष को उसके गायब होने की जानकारी थी ?    
- इतने साल तक कालपी पुलिस से संपर्क क्यों नहीं किया ?
- कालपी पुलिस उस तक कैसे पहुंची?
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