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तीन लाख रुपये रिश्वत लेने का मामला: पीएफ इंस्पेक्टर निलंबित, विजिलेंस जांच भी शुरू

Wed, 27 Apr 2022 08:20 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Wed, 27 Apr 2022 08:20 PM IST
सार

सीबीआई ने सर्वोदय नगर स्थित क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त कार्यालय में छापा मारकर पीएफ इंस्पेक्टर अमित श्रीवास्तव को गिरफ्तार किया था। आरोपी एक कंसल्टेंट के जरिये रिश्वत ले रहा था। पीएफ इंस्पेक्टर प्रवर्तन अधिकारी अमित श्रीवास्तव को विभाग ने बुधवार को सस्पेंड कर दिया है।

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Case of taking bribe of three lakh rupees, pf inspector suspended
पीएफ ऑफिस - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कानपुर में तीन लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किए गए पीएफ इंस्पेक्टर प्रवर्तन अधिकारी अमित श्रीवास्तव को विभाग ने बुधवार को सस्पेंड कर दिया। साथ ही विभाग ने विजिलेंस जांच भी शुरू कर दी है। आरोपी से जुड़ी सारी जानकारी केंद्रीय कार्यालय ने मांगी है। जल्द ही केंद्रीय टीम के सदस्य शहर स्थित कार्यालय में छानबीन करेंगे।
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सोमवार को सीबीआई ने सर्वोदय नगर स्थित क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त कार्यालय में छापा मारकर पीएफ इंस्पेक्टर अमित श्रीवास्तव को गिरफ्तार किया था। आरोपी एक कंसल्टेंट के जरिये रिश्वत ले रहा था। हालांकि बाद में जांच-पड़ताल के बाद कंसल्टेंट को छोड़ दिया था। विभागीय जांच में आरोपी की सभी संपत्तियों की भी जांच कराई जाएगी। सीबीआई को आरोपी के घर से कई प्रॉपर्टी के दस्तावेज मिले थे। जो कुछ समय पहले ही खरीदी गई हैं। विभागीय जांच में देखा जाएगा कि अब तक कितने मामलों को आरोपी देख चुका है और मौजूदा समय में देख रहा था।
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किसको रिपोर्ट कर रहा था। पूर्व के मामले में उसकी ओर से क्या-क्या रिपोर्ट लगाई गई है। इसकी भी जांच शुरू कर दी गई है। 2018 में परीक्षा पास करने के बाद ही प्रवर्तन अफसर बना था। तबसे कितने केस देखे सबकी फाइलें भी केंद्रीय कार्यालय ने मांगी हैं।

सूत्रों ने बताया कि अमित श्रीवास्तव का कार्यक्षेत्र चौबेपुर से बदलकर काकादेव, गीता नगर क्षेत्र कर दिया गया था। यह कार्रवाई 15 दिन पहले हुई थी। इसके बाद भी आरोपी चौबेपुर क्षेत्र से जुड़े मामले देख रहा था। सोमवार को छापा पड़ने के बाद देरशाम उच्च अफसरों ने आईडी बदली थी।

सूत्रों ने बताया कि पूरे मामले में उच्च अफसरों की भूमिका संदिग्ध है। दरअसल सेवन ए का नोटिस असिस्टेंट कमिश्नर स्तर का अफसर जारी करता है। इसके बाद इंस्पेक्टर उच्च अफसरों की अनुमति पर भौतिक सत्यापन करता है। चौबेपुर स्थित स्कूल में कार्यरत कर्मचारियों को बीते कई सालों से पीएफ का भुगतान नहीं किया जा रहा था।

इसकी जांच के एवज में ही चार लाख में सौदा तय हुआ था। सोमवार को पहली किस्त दी जानी थी। ऐसे में पूरे मामले में बड़े अफसर की भूमिका भी संदेह में आ गई है। ऐसे में जांच का दायरा और बढ़ सकता है। सूत्रों ने बताया कि मुख्यालय के निर्देश पर आरोपी को सस्पेंड कर दिया गया है।
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