27 साल बाद फैसला: बलवा व पुलिसकर्मियों से मारपीट का मामला, पूर्व विधायक नीरज चतुर्वेदी समेत पांच बरी
Kanpur News: 28 सितंबर 1996 को मूलगंज थाने में नीरज चतुर्वेदी समेत आठ लोगों के खिलाफ बलवा, सरकारी कर्मियों से मारपीट करने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। एमपीएमएलए लोअर कोर्ट सुनवाई में चल रही थी।
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कानपुर में बलवा व पुलिसकर्मियों से झड़प के 27 साल पुराने मुकदमे में एमपीएमएलए लोअर कोर्ट का फैसला आया है। भाजपा के पूर्व विधायक नीरज चतुर्वेदी व भाजपा नेता श्रीकृष्ण दीक्षित उर्फ बड़े जी समेत पांच आरोपियों को के विशेष न्यायाधीश आलोक यादव ने सबूत के अभाव में बरी कर दिया है।
विधानसभा चुनाव प्रचार के आखिरी दिन भाजपा प्रत्याशी नीरज चतुर्वेदी द्वारा समर्थकों के साथ टोपी बाजार से जुलूस निकाला जा रहा था। पुलिस ने रोकने की कोशिश करते हुए सांप्रदायिक माहौल बिगड़ने का अंदेशा जताया और जुलूस को आगे जाने से रोका था।
इस पर नीरज चतुर्वेदी अपने समर्थकों के साथ पुलिसकर्मियों से भिड़ गए थे। इसके बाद 28 सितंबर 1996 को मूलगंज थाने में नीरज चतुर्वेदी समेत आठ लोगों के खिलाफ बलवा, सरकारी कर्मियों से मारपीट करने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। एमपीएमएलए लोअर कोर्ट सुनवाई में चल रही थी।
तीन आरोपियों पहले ही हो चुकी है मौत
सबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट में आरोपी नीरज चतुर्वेदी, शिव भगवान गोस्वामी, श्रीकृष्ण दीक्षित उर्फ बड़े जी, अनिल शुक्ला व अजय कुमार को बरी करार दिया है। मुकदमे के तीन आरोपी पंकज गुप्ता, अवनीश बाजपेई व सुनील पांडे की मुकदमे की सुनवाई के दौरान ही मौत हो चुकी है।