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हेराफेरी: बोगस फर्म बनाकर डेढ़ करोड़ की सुपाड़ी मंगाई, फर्म का पता भी निकला फर्जी, जानिए कैसे आया रडार पर
Wed, 18 Aug 2021 06:24 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Wed, 18 Aug 2021 06:24 AM IST
सार
जीएसटी विभाग के अफसर ने कल्याणपुर थाने में तहरीर दी है। मुख्यालय के निर्देश पर डेटा एनालिसिस के जरिये यह भंडाफोड़ हुआ है।
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सुपाड़ी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कानपुर में बोगस फर्म बनाकर डेढ़ करोड़ रुपये की सुपाड़ी मंगाने का मामला फिर प्रकाश में आया है। बिहार के रहने वाले व्यक्ति ने दो दिन में एक करोड़ 43 लाख की सुपाड़ी मंगाई। तीन गाड़ियां तो विभाग ने पकड़ ली लेकिन एक गाड़ी अब तक पकड़ में नहीं आई है।
जीएसटी विभाग के अफसर ने कल्याणपुर थाने में तहरीर दी है। मुख्यालय के निर्देश पर डेटा एनालिसिस के जरिये यह भंडाफोड़ हुआ है। प्रशासनिक अधिकारी एसआईबी अमरेश दीक्षित की ओर से दी गई तहरीर में बताया गया है कि सोमवार को अफसरों ने यशोदानगर स्थित फर्म विशंभर नाथ हरी प्रसाद का निरीक्षण किया। यह फर्म किराये के दुकान पर चल रही थी।
फर्म का मालिक बिहार का औरंगाबाद निवासी मुकेश कुमार है। फर्म का पंजीयन नौ जून को कराया गया था। जून-जुलाई में कोई रिटर्न नहीं दाखिल किया गया। इसके बाद 11 और 12 अगस्त को तीन ई-वे बिल असम से जनरेट किए गए। इसमें सुपाड़ी लाई जा रही थी।
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दो महीने शून्य रिटर्न के बाद करोड़ों रुपये की सुपाड़ी लाने पर विभाग को संदेह हुआ और फर्म का डेटा एनालिसिस किया गया। इसके बाद शुक्रवार और शनिवार को असम से कानपुर के लिए चली दो गाड़ियां लखनऊ और गोरखपुर में पकड़ी गईं। एक करोड़ 43 लाख रुपये से अधिक की सुपाड़ी जब्त की गई। एडिशनल कमिश्नर ग्रेड वन पीके सिंह ने बताया कि फर्म का सत्यापन कराया गया, जो फर्जी निकली।
सुपाड़ी-पान मसाला कारोबारी विभाग के रडार पर
एसएनके पान मसाला की ओर 154 करोड़ की कर चोरी का मामला प्रकाश में आने के बाद शहर के सुपाड़ी, पान मसाला कारोबारी विभाग के रडार पर आ गए हैं। अफसर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं। मंगलवार को भी कई जगहों पर जांच की गई है।
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जीएसटी विभाग के अफसर ने कल्याणपुर थाने में तहरीर दी है। मुख्यालय के निर्देश पर डेटा एनालिसिस के जरिये यह भंडाफोड़ हुआ है। प्रशासनिक अधिकारी एसआईबी अमरेश दीक्षित की ओर से दी गई तहरीर में बताया गया है कि सोमवार को अफसरों ने यशोदानगर स्थित फर्म विशंभर नाथ हरी प्रसाद का निरीक्षण किया। यह फर्म किराये के दुकान पर चल रही थी।
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फर्म का मालिक बिहार का औरंगाबाद निवासी मुकेश कुमार है। फर्म का पंजीयन नौ जून को कराया गया था। जून-जुलाई में कोई रिटर्न नहीं दाखिल किया गया। इसके बाद 11 और 12 अगस्त को तीन ई-वे बिल असम से जनरेट किए गए। इसमें सुपाड़ी लाई जा रही थी।
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दो महीने शून्य रिटर्न के बाद करोड़ों रुपये की सुपाड़ी लाने पर विभाग को संदेह हुआ और फर्म का डेटा एनालिसिस किया गया। इसके बाद शुक्रवार और शनिवार को असम से कानपुर के लिए चली दो गाड़ियां लखनऊ और गोरखपुर में पकड़ी गईं। एक करोड़ 43 लाख रुपये से अधिक की सुपाड़ी जब्त की गई। एडिशनल कमिश्नर ग्रेड वन पीके सिंह ने बताया कि फर्म का सत्यापन कराया गया, जो फर्जी निकली।
सुपाड़ी-पान मसाला कारोबारी विभाग के रडार पर
एसएनके पान मसाला की ओर 154 करोड़ की कर चोरी का मामला प्रकाश में आने के बाद शहर के सुपाड़ी, पान मसाला कारोबारी विभाग के रडार पर आ गए हैं। अफसर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं। मंगलवार को भी कई जगहों पर जांच की गई है।