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हादसे में बैंक कर्मियों की मौत का मामला: अनुराग की मौत से परिवार पर वज्रपात, परिजनों में मचा कोहराम
Tue, 16 Nov 2021 09:13 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 16 Nov 2021 09:13 AM IST
सार
यूपी के उन्नाव जिले में भीषण सड़क हादसा हुआ। जिसमें दो बैंक कर्मियों की मौत हो गई। हादसे की जानकारी मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया।
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अनुराग चंदेल और तान्या उर्फ ज्योति की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
लखनऊ-कानपुर हाईवे पर तेज रफ्तार टूरिस्ट बस ने कानपुर से लखनऊ जा रहे बाइक सवार बैंककर्मी और उसकी सहकर्मी युवती को रौंद दिया। मौके पर दोनों की मौत हो गई। उन्नाव सड़क हादसे में जान गंवाने वाले अनुराग चंदेल पर पूरे परिवार का खर्च उठाने की जिम्मेदारी थी।
उनकी मौत की खबर से परिवार में कोहराम मच गया। मां किरन, पिता करन सिंह और छोटे भाई आर्यन व बहन दीक्षा का रोरोकर बुरा हाल है। मां ढांढस बंधाने आने वाले लोगों से पूछती रहीं कि भगवान ने उनके परिवार का सहारा क्यों छीन लिया...।
अनुराग पूर्व में कल्याणपुर लखनपुर हाउसिंग सोसाइटी में अपने चाचा दीपू के पास परिवार के साथ रहते थे। इस बीच, पिता करन सिंह को लकवा मारने के बाद से वह बिस्तर पर थे। घर में सबसे बड़ा होने के चलते अनुराग पर पूरे परिवार की जिम्मेदारी आ गई। बीए की पढ़ाई के बाद ही करीब डेढ़ साल पहले उन्होंने एक्सिस बैंक में नौकरी शुरू की थी। इसके बाद सनिगवां में एक कॉलोनी खरीदकर पूरा परिवार शिफ्ट किया था।
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उनकी मौत की खबर से परिवार में कोहराम मच गया। मां किरन, पिता करन सिंह और छोटे भाई आर्यन व बहन दीक्षा का रोरोकर बुरा हाल है। मां ढांढस बंधाने आने वाले लोगों से पूछती रहीं कि भगवान ने उनके परिवार का सहारा क्यों छीन लिया...।
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अनुराग पूर्व में कल्याणपुर लखनपुर हाउसिंग सोसाइटी में अपने चाचा दीपू के पास परिवार के साथ रहते थे। इस बीच, पिता करन सिंह को लकवा मारने के बाद से वह बिस्तर पर थे। घर में सबसे बड़ा होने के चलते अनुराग पर पूरे परिवार की जिम्मेदारी आ गई। बीए की पढ़ाई के बाद ही करीब डेढ़ साल पहले उन्होंने एक्सिस बैंक में नौकरी शुरू की थी। इसके बाद सनिगवां में एक कॉलोनी खरीदकर पूरा परिवार शिफ्ट किया था।
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भाईदूज पर घर से निकली थी तान्या
तान्या सिंह उर्फ ज्योति की मां नंदन और पिता सुनील सिंह पनकी स्थित निजी स्कूल में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं। तान्या तीन बहनों बरखा, सुजाता और नेहा में सबसे छोटी थीं। तीनों बहनों की शादी के बाद बरखा ने अपना खर्च उठाने के लिए करीब एक माह पूर्व ही बैंक में नौकरी शुरू की थी। आसपास रहने वाले लोगों ने बताया कि तान्या भाईदूज के दिन लखनऊ में ट्रेनिंग की बात कहकर घर से निकली थी। तान्या की मौत की सूचना मिलते ही मां बेहोश हो गईं। पिता का भी हाल बेहाल है।
अनुराग ने बताया था मीटिंग में जा रहे
अनुराग सोमवार सुबह करीब 10 बजे परिजनों से मीटिंग के लिए लखनऊ जाने की बात कहकर निकले थे। वहीं, तान्या ट्रेनिंग के चलते पहले से लखनऊ में थी और उसे सोमवार को लौटना था। सड़क हादसा अजगैन कोतवाली के बसीरतगंज के पास लखनऊ की ओर जाते वक्त हुआ था। तान्या, अनुराग को कहां मिली और वह उसके साथ लखनऊ वापस क्यों जा रही थी। इस संबंध में परिजनों को भी कोई जानकारी नहीं है।
तान्या सिंह उर्फ ज्योति की मां नंदन और पिता सुनील सिंह पनकी स्थित निजी स्कूल में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं। तान्या तीन बहनों बरखा, सुजाता और नेहा में सबसे छोटी थीं। तीनों बहनों की शादी के बाद बरखा ने अपना खर्च उठाने के लिए करीब एक माह पूर्व ही बैंक में नौकरी शुरू की थी। आसपास रहने वाले लोगों ने बताया कि तान्या भाईदूज के दिन लखनऊ में ट्रेनिंग की बात कहकर घर से निकली थी। तान्या की मौत की सूचना मिलते ही मां बेहोश हो गईं। पिता का भी हाल बेहाल है।
अनुराग ने बताया था मीटिंग में जा रहे
अनुराग सोमवार सुबह करीब 10 बजे परिजनों से मीटिंग के लिए लखनऊ जाने की बात कहकर निकले थे। वहीं, तान्या ट्रेनिंग के चलते पहले से लखनऊ में थी और उसे सोमवार को लौटना था। सड़क हादसा अजगैन कोतवाली के बसीरतगंज के पास लखनऊ की ओर जाते वक्त हुआ था। तान्या, अनुराग को कहां मिली और वह उसके साथ लखनऊ वापस क्यों जा रही थी। इस संबंध में परिजनों को भी कोई जानकारी नहीं है।