मासूम से दरिंदगी का मामला: हत्या में जेल जा चुका है ''मामा'', अच्छे आचरण के चलते छूट गया था, पुलिस ने भेजा जेल
Kanpur Crime: पुलिस ने बच्ची को मेडिकल के लिए भेज दिया था। साथ ही घायल आरोपी को भी प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करा दिया। इलाज के बाद मंगलवार को उसे जेल भेज दिया गया।
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कानपुर के जूही थाना क्षेत्र में सोमवार को चाकलेट दिलाने के बहाने आठ साल की मासूम के साथ दरिंदगी करने वाला 50 वर्षीय ''मामा'' हत्या के प्रयास में जेल में सजा काट चुका है। जूही गढ़ा निवासी संतोष कुमार ने उसके खिलाफ 24 अप्रैल 1992 को हत्या के प्रयास का केस दर्ज कराया था। इसके बाद में उसकी मौत हो गई थी।
इस मामले में साल 2000 में एडीजे चतुर्थ की कोर्ट ने आरोपी और उसके साथी को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। हालांकि 2020 में वह अच्छे आचरण के चलते जेल से छूट गया था। इंस्पेक्टर जूही जितेंद्र सिंह ने बताया कि आरोपी को प्राथमिक उपचार के बाद मंगलवार को कोर्ट में पेश किया गया जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
बताया कि चार्जशीट के साथ पुराने आपराधिक इतिहास का ब्योरा भी दाखिल किया जाएगा। बता दें, मूल रूप से बिहार के पुर्निया जिला निवासी युवक की आठ साल की बेटी को मोहल्ले में रहने वाले 50 साल के अधेड़ जिसे बच्चे मामा कहते थे, वह चॉकलेट दिलाने के बहाने ले गया। करीब तीन घंटे बाद बेटी बदहवास हालत में लौटी थी।
परिजन भड़क उठे और उसे जमकर पीट दिया
उसने बताया कि मामा उसे लेकर पास की मिल के जंगल में ले गए और उसके कपड़े जबरदस्ती उतारकर दरिंदगी की। जब उसने कहा कि वह किसी से शिकायत नहीं करेगी, तो उसे छोड़ दिया। बिलखते बच्चे की आपबीती सुन परिजन भड़क उठे और उसे जमकर पीट दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बच्ची को मेडिकल के लिए भेज दिया था।