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किशोर का धर्मांतरण कर निकाह कराने का मामला: बनकर सुहागन ससुराल जाना चाहती थी सिमरन, जांच में हुआ खुलासा

Thu, 26 May 2022 01:07 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Thu, 26 May 2022 01:07 PM IST
सार

डीसीपी पश्चिम बीबीजीटीएस मूर्ति ने बताया कि किशोर का धर्मांतरण कर निकाह कराने के मामले में काकादेव पुलिस की लापरवाही उजागर हुई है। मामले में दो दिन पहले हुई शिकायत की इंस्पेक्टर रामकुमार गुप्ता व दरोगा शेर सिंह ने अनदेखी की।

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case of converting a teenager and getting married
निकाह करने की आरोपी सिमरन व उसकी मां को भेजा गया जेल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

किशोर का धर्मांतरण कराकर उसके साथ निकाह किए जाने के मामले में पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी महिला सुहागन बनकर अपनी ससुराल जाना चाहती थी। यही वजह थी कि उसने मुस्लिम होते हुए भी माथे पर टीका और मांग में सिंदूर भरा था। इससे पहले कि वह किशोर के घर पहुंच पाती, बवाल हो गया और वह ससुराल के बजाय जेल पहुंच गई।

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 काकादेव निवासी 16 वर्षीय किशोर को अगवा कर उसका धर्मांतरण कराया गया। उसके बाद तलाक शुदा मुस्लिम महिला से उसका निकाह कराया गया था। पुलिस मामले में आरोपी महिला सिमरन, उसकी मां, पिता व मौलवी को जेल भेज चुकी है। जब सिमरन की गिरफ्तारी हुई थी, उस वक्त उसने चूड़ियां पहन रखी थी। माथे पर टीका व मांग में सिंदूर भरकर एकदम हिंदू सुहागन सी लग रही थी।

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पुलिस अधिकारियों के मुताबिक आरोपी से पूछताछ में सामने आया कि निकाह के बाद किशोर पर दबाव डाला गया था कि वह अपने घर पर धर्मांतरण व निकाह की कोई चर्चा न कर सीधे यही कहे कि उसने शादी की है। ताकि सिमरन उसके घर में उसकी सुहागन बनकर रह सके।  मगर किशोर जब वहां से घर पहुंचा था तो उसने पूरी बातें परिवार वालों को बता दी, जिसके बाद धर्मांतरण व निकाह की बात प्रकाश में आ गई।
 

शिकायत को हल्के में ले गई काकादेव पुलिस 
डीसीपी पश्चिम बीबीजीटीएस मूर्ति ने बताया कि पूरे प्रकरण में काकादेव पुलिस की लापरवाही उजागर हुई है। मामले में दो दिन पहले हुई शिकायत की इंस्पेक्टर रामकुमार गुप्ता व दरोगा शेर सिंह ने अनदेखी की। जिस शाम हंगामा हुआ उससे कुछ घंटे पहले भी किशोर के परिजन थाने पहुंचे थे, इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। जब बवाल हुआ तब जाकर काकादेव पुलिस गंभीर हुई।
 
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दागी है इंस्पेक्टर व दरोगा 
रामकुमार गुप्ता को 2020 में हुए चर्चित पिंटू सेंगर हत्याकांड की विवेचना दी गई थी। तब वे चकेरी इंस्पेक्टर थे। उन्होंने विवेचना से आरोपियों के नाम बाहर कर दिए थे। इस पर  वे थाने से हटाए गए थे। उनके खिलाफ विभागीय जांच भी हुई थी। वहीं दरोगा शेर सिंह कोहना थाने से लाइन हाजिर हो चुके हैं। उन पर चोरी के प्रकरण में बरामदगी को लेकर सवाल खड़े हुए थे।
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