गैंगस्टर की बुलेट खरीदने का मामला: अब सेकेंड हैंड कार लेने पर उठे सवाल, मैसेज हुआ वायरल, जांच में जुटी पुलिस
गैंगस्टर की बुलेट खरीदने में पीआरओ अजय कुमार मिश्रा को लाइन हाजिर किया गया था। वहीं, अब उनके सेकेंड हैंड कार लेने पर सवाल उठ रहे हैं। इस संबंधित एक मैसेज सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसकी जांच में पुलिस जुट गई है।
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कानपुर पुलिस कमिश्नर के पूर्व पीआरओ अजय मिश्रा के गैंगस्टर से बाइक लेने के मामले में लाइन हाजिर होने के बाद गुरुवार को उसकी कार पर भी सवाल उठने लगे। गुरुवार को वायरल मैसेज में लिखा है कि लाइन हाजिर पूर्व पीआरओ अजय कुमार मिश्रा ने भ्रष्टाचार के दम पर अकूत संपत्ति बनाई।
उनके नाम पर एक होंडा डब्ल्यूआरवी कार भी है, जो मो. गुफरान से खरीदी थी। आरोप है कि आर्य नगर में चौकी इंचार्ज रहते हुए गुफरान के केस की जांच के नाम पर यह कार उपहार के रूप में ली गई थी। सफेद रंग की एक वैगनआर कार भी है। आरटीओ में रजिस्टर्ड जानकारी का स्क्रीन शॉट भी वायरल है, जिसमें गाड़ी के नम्बर के साथ अजय मिश्रा का नाम और सेकेंड ओनर लिखा है।
वायरल मैसेज की जानकारी नहीं है। दरोगा की जांच ज्वाइंट सीपी कर रहे हैं। ऐसा कोई तथ्य सामने आने पर उसे भी जांच में शामिल किया जाएगा। -विजय सिंह मीणा, पुलिस कमिश्नर
बता दें कि कानपुर में गैंगस्टर बलराम राजपूत की पत्नी के नाम की बुलेट खरीदने में फंसे पुलिस कमिश्नर के पीआरओ दरोगा अजय कुमार मिश्रा बुधवार सुबह लाइन हाजिर कर दिए गए। अजय मिश्रा अंडर ट्रांसफर थे इसलिए सीपी ने तत्काल गोरखपुर के लिए रिलीव कर दिया।
हालांकि इसके पीछे भी खेल है। इतने गंभीर प्रकरण में पीआरओ को सिर्फ लाइन हाजिर किया गया। निलंबन की कार्रवाई से बचाते हुए रिलीव इसलिए किया जिससे बड़ी कार्रवाई से बचाया जा सके। मामले की जांच ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर आनंद प्रकाश तिवारी को सौंपी गई है।
इसके अलावा यह बात भी सामने आई है कि पुलिस कमिश्नर का पूर्व पीआरओ अजय कुमार मिश्रा शहर के कई शातिर अपराधियों और विवादित बिल्डरों के संपर्क में है। जिन क्षेत्रों में उसकी तैनाती ही नहीं रही, वहां पर भी इसका जाल बिछा हुआ है। यह सभी उसके सीधे फोन पर संपर्क में हैं। अगर उसके मोबाइल नंबरों की डिटेल खंगाली जाए, तो कई बड़े राज खुल सकते हैं। आशंका है कि उसने कई बड़े खेल भी किए हैं।