पुलिस की बर्बरता: हफ्ता न देने पर नाबालिग भाइयों को पीटा, तीन पुलिसकर्मी निलंबित, दर्ज नहीं हुई एफआईआर
बिधनू में हफ्ता ने देने पर नाबालिगों से मारपीट करने वाले पुलिसकर्मियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि आरोपी दो दरोगा और एक सिपाही को निलंबित कर दिया गया है, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं हुई है।
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कानपुर में बिधनू थाने के तीन पुलिसकर्मियों ने हफ्ता न देने पर दो किशोरों को पीट दिया। किशोरों ने जब एसपी आउटर से शिकायत की, तो मंगलवार देर शाम पुलिसकर्मी उनको अगवा कर ले गए और बंधक बनाकर दोबारा पीटा। इसके बाद हवालात में डाल दिया। ग्रामीणों ने जब धरना प्रदर्शन किया, तब किशोर छोड़े गए। एसपी आउटर ने तीनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। विभागीय जांच के आदेश भी दिए हैं।
कठेरुआ गांव निवासी महेंद्र कुशवाहा का खड़ेसर चौकी क्षेत्र में हाईवे किनारे वॉशिंग सेंटर है। महेंद्र के मुताबिक नौ सितंबर की रात को चौकी के दरोगा सौरभ व सिपाही प्रवीण वहां पहुंचे थे। वसूली की रकम मांगी। विरोध पर दोनों ने उनसे मारपीट की। उनके बेटे विशाल (15) व मोहित (13) ने विरोध किया, तो उनसे भी मारपीट की और चले गए।
महेंद्र ने इसकी शिकायत एसपी आउटर से की। इसके बाद मंगलवार रात को दरोगा सौरभ, सिपाही प्रवीण व बिधनू थाने के दरोगा अनूप सिंह निजी कार से वॉशिंग सेंटर आए। गालीगलौज करते हुए विशाल व मोहित को गाड़ी में जबरन बैठाकर मारते हुए ले गए। उसके बाद थाने में ले जाकर थर्ड डिग्री दी। जानकारी होने पर दर्जनों ग्रामीणों ने थाने का घेराव किया। तब दोनों को छोड़ा गया।
निलंबित कर पुलिसकर्मियों को बचाने का प्रयास
पुलिसकर्मियों की करतूत आपराधिक है। अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने बताया कि अपहरण, मारपीट, धमकी देने की धारा में केस दर्ज होना चाहिए। पीड़ित नाबालिग हैं। यह बेहद गंभीर अपराध है। हालांकि एसपी ने पुलिसकर्मियों को आनन फानन में निलंबित कर मामला रफादफा करने का प्रयास किया है। एक तरह से उन्हें बचाने की कोशिश की गई है।
पहले भी बिधनू थाने के दरोगाओं की करतूत आई थी सामने
पिछले सप्ताह बिधनू थाने के ही तीन दरोगा एक मसाला कारोबारी के घर में आधी रात को घुस गए थे। शिकायत हुई थी, तब ये तीनों दरोगा निलंबित हुए थे। कारोबारी ने लूट व मारपीट का भी आरोप लगाया था। हालांकि बाद में दबाव पड़ने पर शिकायत वापस ले ली थी। उस घटना के चार दिन बाद किशोरों को अगवा कर पीटने की वारदात को पुलिसकर्मियों ने अंजाम दे दिया।
प्रकरण बेहद गंभीर है। एसपी आउटर को जांच दी गई है। जांच के बाद सख्त से सख्त कार्रवाई तीनों पुलिसकर्मियों पर की जाएगी। -भानु भास्कर, एडीजी कानपुर जोन