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Kanpur: कार्डियोलॉजी इंस्टीट्यूट के शोधों से हुआ खुलासा, खुरदरी सतह वाली नसों में थक्के से पड़ रहा हार्ट अटैक

Sun, 08 Jan 2023 12:40 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Sun, 08 Jan 2023 12:40 AM IST
सार

कोरोना के असर से नसों की सतहों में दिक्कत हुई है। कार्डियोलॉजी इंस्टीट्यूट के शोधों से इसका खुलासा हुआ है। इसमें पता चला है कि खून के बहाव में रुकावट से थक्का जमता है। इसी से अचानक हार्ट अटैक पड़ रहा है। साथ ही, तंबाकू की लत और प्रदूषण की वजह से भी युवाओं को अटैक पड़ रहा है।

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Cardiology Institutes research revealed, heart attack due to clots in veins with rough surface
हार्ट अटैक - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

हृदय में खून ले जाने वाली नसों की अंदरूनी सतह खुरदरी हो रही है। सतह का यह खुरदरापन खून के बहाव की गति कम कर रहा है। खून के बहाव में रुकावट से थक्का जमता है। जाड़े में नसों के सिकुड़ने की वजह से नसों का रास्ता और संकरा हो जाता है। इसी से थक्का जमने के बाद अचानक हार्ट अटैक पड़ रहा है।

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एलपीएस कार्डियोलॉजी इंस्टीट्यूट में हुए शोधों में इसका खुलासा हुआ है। शोध रिपोर्ट से पता चला है कि कोरोना संक्रमित लोगों की नसों की सतहों में खुरदरापन बढ़ा है। यह समस्या रोगियों की नसों के अंदर सूजन आने से होती है। कोरोना ठीक होने के बाद भी नसों में दिक्कत बनी रहती है और उन्हें पता नहीं चलता।

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इस संबंध में किए गए शोध के आंकड़ों को कार्डियोलॉजी सोसाइटी ऑफ इंडिया के इंडिया हार्ट जर्नल में भी प्रकाशित किया गया है। कार्डियोलॉजी इंस्टीट्यूट के चिकित्सा विज्ञानियों ने 555 रोगियों पर शोध किया। इनमें संक्रमण से मुक्त हुए मरीजों के अलावा ऐसे लोगों को भी शामिल किया गया था, जिन्हें कोरोना तो हुआ, लेकिन पता नहीं चला था।

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थक्का बनने से पड़ रहा है हार्ट अटैक
जब इनकी नसों की जांच की गई, तो अंदरूनी सतह पर सूजन मिली। सूजन के कारण इनकी सतह चिकनी नहीं रह गई। इससे खून के बहाव की गति प्रभावित हो रही थी। शोध में पाया गया कि किसी वजह से अगर नसों में और सिकुड़न आएगी, तो खून का बहाव बाधित हो जाएगा। इससे थक्का बनता है, जो हार्ट अटैक की वजह होता है।

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कार्डियोलॉजी के निदेशक प्रोफेसर विनय कृष्णा के निर्देशन में यह शोध किया गया। शोध के अगुवा डॉ. अवधेश शर्मा ने बताया कि कार्डियोलॉजी सोसाइटी ऑफ इंडिया ने देशभर में इस संबंध में शोध कराया था। इसमें कार्डियोलॉजी इंस्टीट्यूट भी शामिल था।

युवाओं को भी पड़ने लगा है अचानक अटैक

इंस्टीट्यूट में 350 व्यक्तियों पर शोध किया गया। पहले शोध जैसे नतीजे इसमें भी मिले थे। इन आंकड़ों को सोसाइटी ने अपने शोध में शामिल किया है। उन्होंने बताया कि नसों की सतहों में खुदरापन आने के बाद युवाओं को भी अचानक हार्ट अटैक पड़ने लगा है।

इसके पहले 60 साल और इससे अधिक आयु के रोगियों को ऐसी दिक्कत अधिक होती रही है। शोध में शामिल किए गए लोगों में 40 और 50 आयु वर्ग के लोगों में हार्ट अटैक के अधिक लक्षण मिले थे। कोरोना से पैदा हुई दिक्कत के अलावा धूम्रपान, प्रदूषण और मानसिक तनाव इन लक्षणों को और बढ़ा देता है।

इन बातों का रखें ध्यान

  •  सीने के बीच में दर्द हो तो तुरंत जांच कराएं।
  • ब्लड प्रेशर अधिक है तो दवाओं की खुराक दुरुस्त कराएं।
  • बेचैनी बढ़े तो एस्प्रिन की गोली चबा लें, जिससे अस्पताल तक जाने का समय मिल जाए।
  • जिन्हें कोरोना की पुष्टि हुई है, वे जरूर एक बार जांच करा लें।
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