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नेताओं के सोशल मीडिया अकाउंट पर भी आयोग की नजर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sun, 08 Jan 2017 11:03 PM IST
सार
पहली बार चुनाव आयोग ने की है नई व्यवस्था
नामांकन पत्र पर प्रत्याशी का फोटो भी पहली बार
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डेमो
विस्तार
चुनाव आयोग के इस नए नियम पर बॉलीवुड का मशहूर गाना याद आता है.. 'बच के तू रहना रे, बच के तू रहना.. नहीं दूजा मौका मिलेगा संभलना...
दरअसल, विधानसभा चुनाव में पहली बार प्रत्याशियों को अपने सोशल मीडिया के सभी एकाउंट की जानाकीर चुनाव आयोग के साथ साझा करनी होगी। बता दें चुनाव आयोग ने यह नई व्यवस्था की है। नामांकन पत्र पर पहली बार प्रत्याशियों को अपनी फोटो भी लगानी होगी।
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दरअसल, विधानसभा चुनाव में पहली बार प्रत्याशियों को अपने सोशल मीडिया के सभी एकाउंट की जानाकीर चुनाव आयोग के साथ साझा करनी होगी। बता दें चुनाव आयोग ने यह नई व्यवस्था की है। नामांकन पत्र पर पहली बार प्रत्याशियों को अपनी फोटो भी लगानी होगी।
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चुनाव खर्च के लिए अलग से एकाउंट खोलकर उसमें जमा राशि का ब्योरा देना होगा
डेमो
रजिस्टर्ड पार्टी के प्रत्याशी को एक प्रस्तावक और निर्दलीय प्रत्याशी को दस प्रस्तावक बनाने होंगे। प्रत्याशी को नागरिकता के बारे में प्रमाणपत्र लगाना होगा। शपथ पत्र पर अपने परिवार की आय, उधारी, आपराधिक मामले, शैक्षिक योग्यता की जानकारी देनी होगी। चल-अचल संपत्ति का ब्योरा भी भरना होगा।
निर्वाचक नामावली की प्रमाणित फोटोकॉपी भी लगानी होगी। रिजर्व सीट से लड़ने वाले प्रत्याशी को जाति प्रमाणपत्र भी देना होगा। चुनाव खर्च के लिए अलग से एकाउंट खोलकर उसमें जमा राशि का ब्योरा देना होगा।
निर्वाचक नामावली की प्रमाणित फोटोकॉपी भी लगानी होगी। रिजर्व सीट से लड़ने वाले प्रत्याशी को जाति प्रमाणपत्र भी देना होगा। चुनाव खर्च के लिए अलग से एकाउंट खोलकर उसमें जमा राशि का ब्योरा देना होगा।
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सोशल मीडिया से प्रचार किया तो अनुमति के साथ देना होगा खर्च का ब्योरा
डेमो
बिजली, टेलीफोन, गृहकर, तहसील का बकाया न होने के नो ड्यूज प्रमाणपत्र देने होंगे। उप जिला निर्वाचन अधिकारी सह एडीएम एलए समीर वर्मा ने बताया कि पहली बार प्रत्याशियों को फेसबुक, व्हाट्स एप या अन्य सोशल मीडिया पर चलने वाले सभी एकाउंट की भी जानकारी देनी होगी।
इसके पीछे प्रत्याशियों के सोशल एकाउंट पर नजर रखने का मकसद है। अगर प्रत्याशी ने सोशल मीडिया से प्रचार किया तो उसकी अनुमति के साथ ही खर्च का ब्योरा भी देना होगा।
इसके पीछे प्रत्याशियों के सोशल एकाउंट पर नजर रखने का मकसद है। अगर प्रत्याशी ने सोशल मीडिया से प्रचार किया तो उसकी अनुमति के साथ ही खर्च का ब्योरा भी देना होगा।