{"_id":"5caf215abdec2214204758be","slug":"candidate-mistake-in-lok-sabha-elections-2019","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"गलतियों ने तोड़ा चुनाव लड़ने का ख्वाब, दूसरे लोकसभा क्षेत्र के प्रस्तावक बनाने के कारण पर्चे निरस्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गलतियों ने तोड़ा चुनाव लड़ने का ख्वाब, दूसरे लोकसभा क्षेत्र के प्रस्तावक बनाने के कारण पर्चे निरस्त
Thu, 11 Apr 2019 04:43 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Thu, 11 Apr 2019 04:43 PM IST
विज्ञापन
लोकसभा चुनाव
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नामांकन पत्र भरने में गलतियों ने 34 दावेदारों का लोकसभा चुनाव लड़ने का ख्वाब तोड़ दिया। दूसरे लोकसभा क्षेत्र के प्रस्तावक बनाने के कारण कई के पर्चे खारिज हुए। एक पर्चा कम उम्र के कारण निरस्त हुआ। एक वृद्धा वोटर लिस्ट में नाम न होने के कारण चुनाव लड़ने से वंचित हो गईं।
प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के शहर प्रत्याशी राजीव मिश्रा ने महाराजपुर विधानसभा क्षेत्र में रहने वाले व्यक्ति को अपना प्रस्तावक बना दिया था। महाराजपुर विधानसभा क्षेत्र अकबरपुर लोकसभा क्षेत्र में आता है। इसलिए पर्चा निरस्त हो गया। नियमानुसार प्रस्तावक उसी लोकसभा क्षेत्र का होना चाहिए जहां से प्रत्याशी लड़ रहा है।
विज्ञापन
प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के शहर प्रत्याशी राजीव मिश्रा ने महाराजपुर विधानसभा क्षेत्र में रहने वाले व्यक्ति को अपना प्रस्तावक बना दिया था। महाराजपुर विधानसभा क्षेत्र अकबरपुर लोकसभा क्षेत्र में आता है। इसलिए पर्चा निरस्त हो गया। नियमानुसार प्रस्तावक उसी लोकसभा क्षेत्र का होना चाहिए जहां से प्रत्याशी लड़ रहा है।
विज्ञापन
कई दावेदारों ने नामांकन पत्र पूरा नहीं भरा था इसलिए हुआ खारिज
इसी तरह अखिलेश मिश्रा, प्रमोद कुमार मिश्रा, चंदन दीक्षित, राजेश कुमार वर्मा के प्रस्तावक अकबरपुर लोकसभा क्षेत्र के होने के कारण नामांकन निरस्त हो गया। राजू सरोज ने नामांकन पत्र में अपनी उम्र 18 साल लिखी थी। 18 साल की उम्र में वोट तो डाला जा सकता है लेकिन चुनाव नहीं लड़ा जा सकता है।
चुनाव लड़ने के लिए कम से कम 25 साल उम्र होनी चाहिए। बेलापति ने नामांकन में वोटर होने का प्रमाण नहीं दिया था। कानपुर और अकबरपुर संसदीय क्षेत्र के ज्यादातर दावेदारों ने शपथ पत्र ही ठीक से नहीं भरा था। किसी के प्रस्तावक पूरे नहीं थे। निर्दलीय और क्षेत्रीय पार्टियों के प्रत्याशियों को दस प्रस्तावक रखने होते हैं। कई दावेदारों ने नामांकन पत्र पूरा नहीं भरा था। इसलिए नामांकन पत्र खारिज हो गए।
चुनाव लड़ने के लिए कम से कम 25 साल उम्र होनी चाहिए। बेलापति ने नामांकन में वोटर होने का प्रमाण नहीं दिया था। कानपुर और अकबरपुर संसदीय क्षेत्र के ज्यादातर दावेदारों ने शपथ पत्र ही ठीक से नहीं भरा था। किसी के प्रस्तावक पूरे नहीं थे। निर्दलीय और क्षेत्रीय पार्टियों के प्रत्याशियों को दस प्रस्तावक रखने होते हैं। कई दावेदारों ने नामांकन पत्र पूरा नहीं भरा था। इसलिए नामांकन पत्र खारिज हो गए।