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Kanpur News: दावा नहर सफाई के पूरे होने का, हकीकत में सिल्ट सफाई जारी, सिंचाई अटकी
Thu, 04 Dec 2025 12:52 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Thu, 04 Dec 2025 12:52 AM IST
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कानपुर देहात। जिले में चार सिंचाई खंड के अन्तर्गत नहर, रजबहा व माइनर आती है। वार्षिक सिल्ट सफाई नवंबर में कराने की व्यवस्था है। 30 नवंबर तक काम पूरा कराने का लक्ष्य था। विभागीय अधिकारियों का दावा है कि सिल्ट सफाई का काम पूरा करा लिया गया है। कुल 816 किमी लंबाई में सिल्ट सफाई कराई जानी थी। तय समय में काम पूरा करा लिया गया है। हालांकि हकीकत इतर है। अभी भी माइनरों व रजबहों की सफाई का काम अधूरा है। रसूलाबाद क्षेत्र में सिकंदरपुर, मल्हपुर, जोत सहित अन्य रजबहों में सिल्ट सफाई अधूरी है। इधर रबी सीजन में गेहूं, जौ, सरसों, आलू, चना, मटर आदि फसलों की सिंचाई की जरूरत है मगर नहर, माइनर व रजबहे सूखे हैं। एसडीओ सिंचाई राजेश सिंह ने बताया कि कुछ रजबहे अवरुद्ध हैं। इनकी सफाई तेजी से कराई जा रही है।
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केस एक :
फोटो-17 रसूलाबाद में रजबहा की सफाई करते कर्मी। संवाद
सिल्ट सफाई अधूरी, किसान परेशान
रसूलाबाद के मल्लपुर, सिकंदरपुर व जोत आदि क्षेत्र में फसलों की सिंचाई रजबहा पर निर्भर है। समय पूरा होने के बाद भी सिल्ट सफाई अधूरी है। अमित सिंह, विजय आदि ने बताया कि अब नवंबर मध्य तक पानी आएगा तो निजी नलकूप से महंगी सिंचाई करनी पड़ेगी।
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केस दो :
फोटो- 5 सूखा पड़ा मंगलपुर रजबहा। संवाद
मंगलपुर रजबहा सूखा, किसान चिंतित
नहर, रजबहा से फसल सिंचाई निशुल्क है। समय पर पानी मिलने पर फसल लागत कम आती है तो मुनाफा बढ़ जाता है। मौजूदा समय में मंगलपुर रजबहा सूखा है। इसकी वजह से किसान निजी नलकूप से फसलों की महंगी सिंचाई के लिए मजबूर हैं। जिन किसानों के सामने आर्थिक दिक्कत है वह चिंतित हैं।
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केस तीन :
फोटो- 16 राजपुर में सूखी पड़ी माइनर। संवाद
राजपुर माइनर सूखी, किसान परेशान
रामगंगा नहर इटावा से जुड़ी पिंडार्थू हेड की राजपुर माइनर मौजूदा समय में सूखी है। गेहूं में पहली सिंचाई समय पर होना जरूरी है। किसानों का कहना है कि पहली सिंचाई समय से होने पर फसल में कल्ले निकलते हैं। इससे फसल उत्पादन अच्छा होता है। गेहूं फसल की सिंचाई जरूरत है मगर माइनर सूखी हैं।
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मंगलपुर में सूखा रजबहा, पलेवा अटका
औरैया खंड के दिबियापुर से औरंगाबाद से मंगलपुर होकर बरी गांव तक जाने वाला रजबहा सूखा है। इससे औरंगाबाद, चंद्रकुरा, मंगलपुर, मनकापुर, बरी, नसीरपुर, लालपुर आदि गांवों में फसल सिंचाई होती है। गेहूं, जौं व सरसों की फसलों की सिंचाई जरूरी है। वहीं धान की विलंब से कटाई के बाद अब गेहूं बुवाई के लिए पलेवा की जरूरत है। रजबहा सूखा होने से पलेवा अटका है।
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फोटो- 1 अशोक कुमार।
फोटो- 2 कृष्ण नारायण।
निजी नलकूप से महंगी पड़ती सिंचाई
रजबहा सूखा है। जबकि दिसंबर शुरुआत में ही पानी छोड़ा जाना चाहिए था। अब निजी नलकूप से गेहूं में पहली सिंचाई की मजबूरी है। निजी नलकूप से सिंचाई महंगी है इससे लागत बढ़ती है। - अशोक कुमार
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कई जगह अधूरी है सिल्ट सफाई
सिंचाई विभाग को 30 नवंबर तक सिल्ट सफाई का काम पूरा कराना था लेकिन रजबहा गीला होने से देरी से सफाई शुरू हो सकी। कई जगह सिल्ट की सफाई अधूरी है। अब गेहूं की सिंचाई के लिए पानी की जरूरत है लेकिन रजबहा सूखा है। - कृष्ण नारायण
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वर्जन............
दस दिसंबर को नहरों में आ जाएगा पानी
लक्ष्य के अनुसार नहर, रजबहा व माइनरों की सिल्ट सफाई पूरी करा ली गई है। कुछ जगह माइनरों व सिल्ट से ठीक से सफाई न होने की शिकायत मिली है। इस पर संबंधित जेई को निर्देशित कर सफाई कराई जा रही है। नहरों में 10 दिसंबर तक पानी आ जाएगा। इसके बाद माइनरों व रजबहों में दो से चार दिन में पानी पहुंचेगा। किसान इसी के अनुसार फसलों की सिंचाई कर सकते है।
- सुरेंद्र कौशल, नोडल एक्सईएन सिंचाई
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केस एक :
फोटो-17 रसूलाबाद में रजबहा की सफाई करते कर्मी। संवाद
सिल्ट सफाई अधूरी, किसान परेशान
रसूलाबाद के मल्लपुर, सिकंदरपुर व जोत आदि क्षेत्र में फसलों की सिंचाई रजबहा पर निर्भर है। समय पूरा होने के बाद भी सिल्ट सफाई अधूरी है। अमित सिंह, विजय आदि ने बताया कि अब नवंबर मध्य तक पानी आएगा तो निजी नलकूप से महंगी सिंचाई करनी पड़ेगी।
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केस दो :
फोटो- 5 सूखा पड़ा मंगलपुर रजबहा। संवाद
मंगलपुर रजबहा सूखा, किसान चिंतित
नहर, रजबहा से फसल सिंचाई निशुल्क है। समय पर पानी मिलने पर फसल लागत कम आती है तो मुनाफा बढ़ जाता है। मौजूदा समय में मंगलपुर रजबहा सूखा है। इसकी वजह से किसान निजी नलकूप से फसलों की महंगी सिंचाई के लिए मजबूर हैं। जिन किसानों के सामने आर्थिक दिक्कत है वह चिंतित हैं।
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केस तीन :
फोटो- 16 राजपुर में सूखी पड़ी माइनर। संवाद
राजपुर माइनर सूखी, किसान परेशान
रामगंगा नहर इटावा से जुड़ी पिंडार्थू हेड की राजपुर माइनर मौजूदा समय में सूखी है। गेहूं में पहली सिंचाई समय पर होना जरूरी है। किसानों का कहना है कि पहली सिंचाई समय से होने पर फसल में कल्ले निकलते हैं। इससे फसल उत्पादन अच्छा होता है। गेहूं फसल की सिंचाई जरूरत है मगर माइनर सूखी हैं।
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मंगलपुर में सूखा रजबहा, पलेवा अटका
औरैया खंड के दिबियापुर से औरंगाबाद से मंगलपुर होकर बरी गांव तक जाने वाला रजबहा सूखा है। इससे औरंगाबाद, चंद्रकुरा, मंगलपुर, मनकापुर, बरी, नसीरपुर, लालपुर आदि गांवों में फसल सिंचाई होती है। गेहूं, जौं व सरसों की फसलों की सिंचाई जरूरी है। वहीं धान की विलंब से कटाई के बाद अब गेहूं बुवाई के लिए पलेवा की जरूरत है। रजबहा सूखा होने से पलेवा अटका है।
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फोटो- 1 अशोक कुमार।
फोटो- 2 कृष्ण नारायण।
निजी नलकूप से महंगी पड़ती सिंचाई
रजबहा सूखा है। जबकि दिसंबर शुरुआत में ही पानी छोड़ा जाना चाहिए था। अब निजी नलकूप से गेहूं में पहली सिंचाई की मजबूरी है। निजी नलकूप से सिंचाई महंगी है इससे लागत बढ़ती है। - अशोक कुमार
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कई जगह अधूरी है सिल्ट सफाई
सिंचाई विभाग को 30 नवंबर तक सिल्ट सफाई का काम पूरा कराना था लेकिन रजबहा गीला होने से देरी से सफाई शुरू हो सकी। कई जगह सिल्ट की सफाई अधूरी है। अब गेहूं की सिंचाई के लिए पानी की जरूरत है लेकिन रजबहा सूखा है। - कृष्ण नारायण
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दस दिसंबर को नहरों में आ जाएगा पानी
लक्ष्य के अनुसार नहर, रजबहा व माइनरों की सिल्ट सफाई पूरी करा ली गई है। कुछ जगह माइनरों व सिल्ट से ठीक से सफाई न होने की शिकायत मिली है। इस पर संबंधित जेई को निर्देशित कर सफाई कराई जा रही है। नहरों में 10 दिसंबर तक पानी आ जाएगा। इसके बाद माइनरों व रजबहों में दो से चार दिन में पानी पहुंचेगा। किसान इसी के अनुसार फसलों की सिंचाई कर सकते है।
- सुरेंद्र कौशल, नोडल एक्सईएन सिंचाई