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Kanpur: चट्टों के खिलाफ रोका अभियान, अब वसूला जाएगा गोबर शुल्क, आईआईटी से मांगा है तकनीकी सहयोग

Sun, 15 Oct 2023 09:39 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Sun, 15 Oct 2023 09:39 AM IST
सार

Kanpur News: महापौर के अनुसार, चट्टों से गोबर नालियों में न जाए, इसके लिए आईआईटी से तकनीकी सहयोग लिया जाएगा। इसके लिए 18 या 19 नवंबर को आईआईटी के साथ बैठक करने के निर्देश दिए।

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Campaign against Chattas stopped, now cow dung fee will be collected, technical support sought from IIT
चट्टों के खिलाफ रोका अभियान - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कानपुर में चट्टा संचालकों से नगर निगम पहली बार गोबर शुल्क वसूलेगा। फिलहाल छह महीने के लिए ट्रायल के तौर पर यह व्यवस्था लागू की जा रही है। तब तक के लिए चट्टों के खिलाफ अभियान स्थगित कर दिया गया। यह फैसला शनिवार को महापौर प्रमिला पांडेय की अध्यक्षता में हुई नगर निगम अफसरों और चट्टा संचालकों की बैठक में लिया गया।

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प्रमिला सभागार में दोपहर में हुई इस बैठक में महापौर ने कहा कि ज्यादातर चट्टा संचालक नालियों, सीवर लाइनों में गोबर बहाते हैं। कुछ इधर-उधर फेंकते हैं, जिससे नगर निगम की छवि धूमिल होती है। इसीलिए चट्टों के खिलाफ अभियान शुरू किया। यह सुनते ही चट्टा संचालक अभियान का विरोध करने लगे। चट्टे हटने से शहर में दूध की किल्लत होने की बात कहते हुए उन्हें यथावत संचालित करने का आग्रह किया।

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100 क्विंटल गोबर पर 1200 रुपये शुल्क
विचार-विमर्श के बाद महापौर ने जोनल स्वच्छता अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे चट्टा संचालकों के गोबर एकत्रित कर निस्तारित करें। चट्टा संचालकों से 100 क्विंटल गोबर पर 1200 रुपये शुल्क लिया जाए. जिस चट्टे से जितना गोबर मिले, उसी हिसाब से उनसे शुल्क वसूला जाएगा। यह व्यवस्था छह महीने के लिए लागू की जा रही है।

वह स्थायी चट्टे बनाने के लिए शासन में बात करेंगी महापौर
इस दौरान यदि चट्टों के आसपास गोबर मिले या वे सीवर लाइनों में गोबर बहाएं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। चट्टा संचालकों को आश्वासन दिया कि वह स्थायी चट्टे बनाने के लिए शासन में बात करेंगी। बैठक में अपर नगर आयुक्त (प्रथम) प्रतिपाल सिंह, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरके निरंजन, रफजुल रहमान आदि शामिल रहे।

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चट्टों से नाली में गोबर जाने से रोकने के लिए आईआईटी से मांगा सहयोग
महापौर के अनुसार, चट्टों से गोबर नालियों में न जाए, इसके लिए आईआईटी से तकनीकी सहयोग लिया जाएगा। इसके लिए 18 या 19 नवंबर को आईआईटी के साथ बैठक करने के निर्देश दिए।

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