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Kanpur News: अभियान चलाकर 75 हजार किसानों को बताई खेती की नई तकनीक
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कानपुर। भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान (आईआईपीआर) की ओर से चलाए जा रहे विकसित कृषि संकल्प अभियान का गुरुवार को समापन हो गया। 29 मई से 12 जून तक चले अभियान में 17 वैज्ञानिकों की टीम ने 675 गांवों के करीब 75,000 किसानों से संवाद कर उनको खेती की नई तकनीक और पद्धति की जानकारी दी।
आईआईपीआर के निदेशक डॉ. जीपी दीक्षित ने बताया कि बीकानेर केंद्र के वैज्ञानिकों ने छह ब्लाॅक के 42 गांवों के 7,000 किसानों से, धारवाड़ (कर्नाटक) केंद्र के वैज्ञानिकों ने 51 गांव के 7100 किसानों व खोरधा (ओडिशा) केंद्र के वैज्ञानिकों ने 51 गांव के 15,000 किसानों से संवाद किया। डॉ. दीक्षित ने कहा कि अभियान के कारण वैज्ञानिकों और किसानों के बीच विश्वास एवं सहभागिता का पुल बना।
ग्राम स्तर पर आयोजित जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से वैज्ञानिकों ने किसानों को दलहन उत्पादन की नवीनतम तकनीकों, जलवायु अनुकूल कृषि पद्धतियों, कीट एवं रोग प्रबंधन, जैविक खेती, मृदा स्वास्थ्य सुधार और उन्नत बीजों के उपयोग संबंधी जानकारियां दीं। किसानों को पीएम-किसान योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, फसल बीमा, ड्रोन प्रौद्योगिकी और सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली जैसी सरकारी योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया गया।
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आईआईपीआर के निदेशक डॉ. जीपी दीक्षित ने बताया कि बीकानेर केंद्र के वैज्ञानिकों ने छह ब्लाॅक के 42 गांवों के 7,000 किसानों से, धारवाड़ (कर्नाटक) केंद्र के वैज्ञानिकों ने 51 गांव के 7100 किसानों व खोरधा (ओडिशा) केंद्र के वैज्ञानिकों ने 51 गांव के 15,000 किसानों से संवाद किया। डॉ. दीक्षित ने कहा कि अभियान के कारण वैज्ञानिकों और किसानों के बीच विश्वास एवं सहभागिता का पुल बना।
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ग्राम स्तर पर आयोजित जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से वैज्ञानिकों ने किसानों को दलहन उत्पादन की नवीनतम तकनीकों, जलवायु अनुकूल कृषि पद्धतियों, कीट एवं रोग प्रबंधन, जैविक खेती, मृदा स्वास्थ्य सुधार और उन्नत बीजों के उपयोग संबंधी जानकारियां दीं। किसानों को पीएम-किसान योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, फसल बीमा, ड्रोन प्रौद्योगिकी और सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली जैसी सरकारी योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया गया।
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