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Kanpur News: ट्रेजरी अफसर बनकर पशुपालन निदेशालय से रिटायर कर्मी से 8.85 लाख ठगे
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कानपुर। साइबर ठगों ने ट्रेजरी अधिकारी बनकर पशुपालन निदेशालय से रिटायर वृद्ध से जीपीएफ भुगतान कराने का झांसा देकर 8.85 लाख रुपये ठग लिए। पीड़ित की तहरीर पर साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
जूही कॉलोनी निवासी अनिल दीक्षित पशुपालन निदेशालय से रिटायर हैं। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि कुछ दिन पहले उनके पास एक अज्ञात नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले शख्स ने खुद को ट्रेजरी अधिकारी बताते हुए जीपीएफ का रुपया भुगतान करने के लिए बैंक खातों की डिटेल मांगी। झांसे में आए पीड़ित ने उन्हें बचत व पेंशन खाते की सभी जानकारी शेयर कर दी। इसके बाद जालसाज ने खाते में भुगतान के लिए ओटीपी भेजने की बात कही जिसे शेयर करते ही उनके दोनों खातों से 8.85 लाख रुपये पार हो गए। कुछ दिन बाद वह बैंक पहुंचकर जीपीएफ के रकम की जानकारी हासिल की तो पता चला कि रकम आने के बजाए उनके खाते से निकल गई। साइबर थाना प्रभारी सुनील वर्मा ने बताया मोबाइल नंबर के आधार पर जालसाज के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। जालसाजों ने जिन खातों में रुपये ट्रांसफर किए हैं, उन्हें फ्रीज कराने के लिए संबंधित बैंकों से पत्राचार किया गया है।
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जूही कॉलोनी निवासी अनिल दीक्षित पशुपालन निदेशालय से रिटायर हैं। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि कुछ दिन पहले उनके पास एक अज्ञात नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले शख्स ने खुद को ट्रेजरी अधिकारी बताते हुए जीपीएफ का रुपया भुगतान करने के लिए बैंक खातों की डिटेल मांगी। झांसे में आए पीड़ित ने उन्हें बचत व पेंशन खाते की सभी जानकारी शेयर कर दी। इसके बाद जालसाज ने खाते में भुगतान के लिए ओटीपी भेजने की बात कही जिसे शेयर करते ही उनके दोनों खातों से 8.85 लाख रुपये पार हो गए। कुछ दिन बाद वह बैंक पहुंचकर जीपीएफ के रकम की जानकारी हासिल की तो पता चला कि रकम आने के बजाए उनके खाते से निकल गई। साइबर थाना प्रभारी सुनील वर्मा ने बताया मोबाइल नंबर के आधार पर जालसाज के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। जालसाजों ने जिन खातों में रुपये ट्रांसफर किए हैं, उन्हें फ्रीज कराने के लिए संबंधित बैंकों से पत्राचार किया गया है।
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