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Kanpur News: गलती सुधार सकेंगे कारोबारी-व्यापारी, वापस मिल सकेगा आईटीसी
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कानपुर। इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) की प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाया गया है। अब यदि किसी व्यापारी या कारोबारी ने इनवॉइस मैनेजमेंट सिस्टम (आईएमएस) में ब्योरे को निरस्त कर दिया है तो वह उसमें सुधार कर सकेंगे। इससे उन्हें आईटीसी वापस मिल सकेगा। इसका लाभ शहर के पांच लाख से ज्यादा उद्यमियों को मिल सकेगा।
केसीएएस सीपीई स्टडी सर्किल के उप संयोजक सीए नितिन सिंह ने बताया कि 19 जून को जीएसटीएन ने नई एडवाइजरी जारी की है। इससे उन करदाताओं को लाभ होगा जो गलत रिजेक्शन के कारण आईटीसी का लाभ नहीं ले पा रहे हैं या क्रेडिट नोट से संबंधित समस्याओं का सामना कर रहे हैं। यदि कोई प्राप्तकर्ता (रिसीपिएंट) गलती से आईएमएस में इनवॉइस डेबिट नोट या ई-कॉमर्स इनवाॅइस ईसीओ दस्तावेज को निरस्त कर देता है और उसी टैक्स अवधि का जीएसटीआर-3बी भी दाखिल कर चुका है तो वह इस समस्या का समाधान कर सकता है। प्राप्तकर्ता संबंधित सप्लायर को बता सकता है कि वह रिकॉर्ड को (बिना किसी बदलाव के) उसी रिटर्न अवधि के जीएसटीआर-1ए में या बाद के जीएसटीआर-1/आईएफएफ की संशोधन तालिका में दोबारा दर्ज कर दे। इसके बाद प्राप्तकर्ता आईएमएस पर उस रिकॉर्ड को स्वीकार करके और जीएसटीआर-2बी की फिर से गणना करके आईटीसी का लाभ ले सकता है। यह आईटीसी केवल उसी टैक्स अवधि के जीएसटीआर-2बी में उपलब्ध होगा।
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केसीएएस सीपीई स्टडी सर्किल के उप संयोजक सीए नितिन सिंह ने बताया कि 19 जून को जीएसटीएन ने नई एडवाइजरी जारी की है। इससे उन करदाताओं को लाभ होगा जो गलत रिजेक्शन के कारण आईटीसी का लाभ नहीं ले पा रहे हैं या क्रेडिट नोट से संबंधित समस्याओं का सामना कर रहे हैं। यदि कोई प्राप्तकर्ता (रिसीपिएंट) गलती से आईएमएस में इनवॉइस डेबिट नोट या ई-कॉमर्स इनवाॅइस ईसीओ दस्तावेज को निरस्त कर देता है और उसी टैक्स अवधि का जीएसटीआर-3बी भी दाखिल कर चुका है तो वह इस समस्या का समाधान कर सकता है। प्राप्तकर्ता संबंधित सप्लायर को बता सकता है कि वह रिकॉर्ड को (बिना किसी बदलाव के) उसी रिटर्न अवधि के जीएसटीआर-1ए में या बाद के जीएसटीआर-1/आईएफएफ की संशोधन तालिका में दोबारा दर्ज कर दे। इसके बाद प्राप्तकर्ता आईएमएस पर उस रिकॉर्ड को स्वीकार करके और जीएसटीआर-2बी की फिर से गणना करके आईटीसी का लाभ ले सकता है। यह आईटीसी केवल उसी टैक्स अवधि के जीएसटीआर-2बी में उपलब्ध होगा।
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