Kanpur: मेडिकल कॉलेज में बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी विभाग बनेगा, प्रदेश में होगा पहला…त्वचा बैंक भी शामिल
Kanpur News: बर्न वार्ड का भवन काम पूरा होते ही हैलट प्रबंधन को हैंड ओवर हो जाएगा। इसके बाद काम शुरू हो जाएगा। इसमें बर्न के रोगियों के इलाज के साथ ही प्लास्टिक सर्जरी से जुड़ी और भी विशेषज्ञताओं पर कार्य किया जाएगा।
विस्तार
प्रदेश के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में पहला बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी विभाग जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में शुरू होगा। इसमें बर्न रोगियों का इलाज होगा, साथ ही त्वचा और बाल प्रत्यारोपण, त्वचा की लेजर सर्जरी, टेढ़े-मेढ़े अंग दुरुस्त करने, चेहरे से गैर जरूरी रोम, धाग-धब्बे, मस्से आदि हटाने समेत विभिन्न सुविधाएं रोगियों को मिलने लगेंगी। नया विभाग इसी साल से शुरू हो जाएगा।
इसमें त्वचा बैंक का प्रस्ताव भी शामिल किया गया है। इसके साथ ही सुपर स्पेशियलिटी एमसीएच की डिग्री भी मिलेगी। मंडल समेत आसपास के 17 जिलों के रोगियों को इससे लाभ मिलेगा। हैलट परिसर स्थित नए बर्न वार्ड भवन में प्लास्टिक सर्जरी विभाग चालू किया जाएगा। विभाग के लिए कुल 96 स्टाफ के पद शासन ने स्वीकृत कर दिए हैं। इसके अलावा प्लास्टिक सर्जरी में प्रोफेसर डॉ. प्रेम शंकर और असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. प्रशांत लूथरा पहले से नियुक्त हैं।
जले रोगियों के इलाज में होगी आसानी
डॉ. शंकर ने बताया कि विभाग इसी साल चालू कर दिया जाएगा। बर्न वार्ड का भवन काम पूरा होते ही हैलट प्रबंधन को हैंड ओवर हो जाएगा। इसके बाद काम शुरू हो जाएगा। इसमें बर्न के रोगियों के इलाज के साथ ही प्लास्टिक सर्जरी से जुड़ी और भी विशेषज्ञताओं पर कार्य किया जाएगा। उनके लिए रोगियों को अभी बाहर जाना पड़ता है। डॉ. शंकर ने बताया कि त्वचा बैंक होने से जले रोगियों के इलाज में आसानी होगी।
स्टेम सेल थैरेपी भी शामिल है
प्रदेश में पहली बार हैलट में दान की त्वचा का जले हुए जख्मों के इलाज में इस्तेमाल होगा। इसके अलावा त्वचा के इलाज में लेजर सर्जरी की जाएगी। बर्न एंड प्लास्टिक विभाग के गठन के संबंध में सारे मानक पूरे हैं। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि यह प्रदेश के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में पहला विभाग होगा। इसमें और भी नए तरह का इलाज करने के लिए संभावनाएं ढूंढी जाएंगी। इनमें एक स्टेम सेल थैरेपी भी शामिल है।
ये है खास
- त्वचा पर जले के 10 साल पुराने दाग भी दूर किए जाएंगे।
- कॉस्मेटिक सर्जरी से दाग-धब्बे हटेंगे।
- कैंसर सर्जरी के बाद छोटे हुए स्तन को इम्प्लांट लगाकर सामान्य करेंगे।
- हेयर ट्रांसप्लांट किया जाएगा।
- चोट से टेढ़े हुए हाथ-पैर ठीक किए जाएंगे।
- मुंहासा के दाग-धब्बे साफ होंगे।
एमसीएच की तीन सीटें होंगी
बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी विभाग में एमसीएच की तीन सीटें होंगी। डॉ. प्रेम शंकर ने बताया कि तीन सीटों के लिए मानक पूरे हैं। इसके लिए एक प्रोफेसर और एक असिस्टेंट प्रोफेसर की जरूरत होती है। एमएस की डिग्री वाले डॉक्टरों को एमसीएच में प्रवेश मिलेगा। सभी मानक पूरे कर लिए गए हैं।