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घरेलू गैस पर 32700 का रोज बढ़ा बोझ
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, कानपुर
Updated Fri, 02 Dec 2016 07:53 PM IST
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साल के आखिरी महीने यानी दिसंबर में लोगों को रसोई गैस सिलेंडर पर भी झटका दिया है। नोटबंदी के संकट से जूझ रहे जिले के उपभोक्ताओं को चौके के ईंधन पर रोजाना 32,700 रुपये ज्यादा खर्च करने पड़ेंगे। केंद्र सरकार द्वारा गैस सिलेंडर की बढ़ाई कीमत में बांदा में प्रति सिलेंडर 54 रुपये 50 पैसे की बढ़ोत्तरी हुई है। अब 566 रुपये 50 पैसे के स्थान पर 621 रुपये में सिलेंडर मिलेगा।
चुनाव के पूर्व ‘अच्छे दिन’ के सब्जबाग दिखाने वालों ने गैस उपभोक्ताओं को साल के आखिरी माह में तगड़ा झटका दिया है। सब्सिडी वाले सिलेंडर में साढ़े 54 रुपये की वृद्धि कर दी है। यह पहली दिसंबर से लागू भी हो गई। बांदा शहर में आधारना गैस एजेंसी के जरिये रोजाना लगभग 600 सिलेंडर की खपत है। अब हर सिलेंडर पर उपभोक्ता को साढ़े 54 रुपये ज्यादा देने पड़ रहे हैं।
यानी एकमुश्त 32,700 रुपये का बोझ आ पड़ा है। नोटबंदी से चौतरफा मंदी के चलते सिलेंडर की कीमत में भारी वृद्धि में उपभोक्ताओं और खासकर महिलाओं में खासी नाराजगी है। तमाम उपभोक्ताओें ने मोदी सरकार पर भड़ास निकालते हुए कहा कि ‘अच्छे दिन’ के नाम पर आए दिन बुरे दिन देखने पड़ रहे हैं। गैस एजेंसी संचालक रामेंद्र शर्मा ने बताया कि बढ़ाई गईं ताजी दरों से सब्सिडी वाले उपभोक्ताओं की सब्सिडी भी बढ़ेगी।
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हर माह में उतार-चढ़ाव
केंद्र सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में पूरे साल उलटफेर की। कोई महीना ऐसा नहीं बचा, जिसमें कीमत घटी या बढ़ी न हो। जनवरी में सिलेंडर 699 रुपये का था। फरवरी में 83 रुपये घटाकर 616 रुपये कर दिया गया। मार्च में 66 रुपये फिर घटे और 550 रुपये कीमत हो गई। अप्रैल में 6 रुपये की कमी और करके 544 रुपये का सिलेंडर हो गया। मई में 18 रुपये की वृद्धि करके 562 रुपये और जून में 22 रुपये बढ़ाकर 584 रुपये का सिलेंडर किया गया। जुलाई में 13 रुपये घटे और 571 का सिलेंडर हुआ। अगस्त में 51 रुपये घटाकर 520 रुपये और सितंबर में 20 रुपये घटाकर 500 रुपये का सिलेंडर किया गया। पिछले तीन महीनों से लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। अक्तूबर में 27 रुपये वृद्धि के साथ सिलेंडर 527 का हो गया। नवंबर मेें 39 रुपये की वृद्धि हुई और 566 रुपये का सिलेंडर हो गया। अब दिसंबर में एकमुश्त 54 रुपये की वृद्धि करते हुए सिलेंडर की कीमत 621 रुपये कर दी गई है।
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चुनाव के पूर्व ‘अच्छे दिन’ के सब्जबाग दिखाने वालों ने गैस उपभोक्ताओं को साल के आखिरी माह में तगड़ा झटका दिया है। सब्सिडी वाले सिलेंडर में साढ़े 54 रुपये की वृद्धि कर दी है। यह पहली दिसंबर से लागू भी हो गई। बांदा शहर में आधारना गैस एजेंसी के जरिये रोजाना लगभग 600 सिलेंडर की खपत है। अब हर सिलेंडर पर उपभोक्ता को साढ़े 54 रुपये ज्यादा देने पड़ रहे हैं।
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यानी एकमुश्त 32,700 रुपये का बोझ आ पड़ा है। नोटबंदी से चौतरफा मंदी के चलते सिलेंडर की कीमत में भारी वृद्धि में उपभोक्ताओं और खासकर महिलाओं में खासी नाराजगी है। तमाम उपभोक्ताओें ने मोदी सरकार पर भड़ास निकालते हुए कहा कि ‘अच्छे दिन’ के नाम पर आए दिन बुरे दिन देखने पड़ रहे हैं। गैस एजेंसी संचालक रामेंद्र शर्मा ने बताया कि बढ़ाई गईं ताजी दरों से सब्सिडी वाले उपभोक्ताओं की सब्सिडी भी बढ़ेगी।
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केंद्र सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में पूरे साल उलटफेर की। कोई महीना ऐसा नहीं बचा, जिसमें कीमत घटी या बढ़ी न हो। जनवरी में सिलेंडर 699 रुपये का था। फरवरी में 83 रुपये घटाकर 616 रुपये कर दिया गया। मार्च में 66 रुपये फिर घटे और 550 रुपये कीमत हो गई। अप्रैल में 6 रुपये की कमी और करके 544 रुपये का सिलेंडर हो गया। मई में 18 रुपये की वृद्धि करके 562 रुपये और जून में 22 रुपये बढ़ाकर 584 रुपये का सिलेंडर किया गया। जुलाई में 13 रुपये घटे और 571 का सिलेंडर हुआ। अगस्त में 51 रुपये घटाकर 520 रुपये और सितंबर में 20 रुपये घटाकर 500 रुपये का सिलेंडर किया गया। पिछले तीन महीनों से लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। अक्तूबर में 27 रुपये वृद्धि के साथ सिलेंडर 527 का हो गया। नवंबर मेें 39 रुपये की वृद्धि हुई और 566 रुपये का सिलेंडर हो गया। अब दिसंबर में एकमुश्त 54 रुपये की वृद्धि करते हुए सिलेंडर की कीमत 621 रुपये कर दी गई है।