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Kanpur News: दो साल से रिंग रोड की बाधा बनी जमीन पर गरजा बुलडोजर, निर्माण शुरू

Wed, 18 Jun 2025 01:41 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 18 Jun 2025 01:41 AM IST
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Bulldozer roared on the land which was obstructing the ring road for two years, construction started
प्रशासन का चला बुलडोजर। - फोटो : संवाद
कानपुर। दो साल से रिंग रोड के तीसरे चरण के निर्माण में बाधा बन रही छतमरा और टिगरा पैगंबर गांव की जमीन मंगलवार को प्रशासन ने कब्जा मुक्त करा ली। रिंग रोड के लिए 1.800 किलोमीटर लंबाई में चयनित भूमि पर बने निर्माणों और खड़ी फसल पर प्रशासन का बुलडोजर गरजा। इस दौरान महिलाओं और किसानों ने काफी विरोध किया, लेकिन पुलिस और प्रशासन की सख्ती के आगे किसी की न चली। भूमि का समतलीकरण होने के बाद कंपनी ने निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया।
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भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की 93.20 किलोमीटर लंबी महत्वाकांक्षी परियोजना रिंग रोड के पैकेज-एक में सचेंडी से मंधना व पैकेज-चार में रमईपुर से सचेंडी और पैकेज तीन में रमईपुर से आटा तक का निर्माण कार्य चल रहा है। पैकेज तीन में नर्वल तहसील के छतमरा और टिगरा पैगंबर गांव की नौ हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण का करीब 40 से अधिक किसान विरोध कर रहे थे। बीते दो साल से उन्हें मनाने के लिए जिला प्रशासन प्रयास कर रहा था। किसान सर्किल रेट का चौगुना मुआवजा देने की मांग पर अड़े थे। किसानों को सरकार दोगुना मुआवजा दे रही थी। इसमें करीब 80 से अधिक किसान पहले मुआवजा ले चुके थे। कुछ किसानों के चक्कर में रिंग रोड का निर्माण शुरू नहीं हो पा रहा था। शासन स्तर से लगातार जमीन अधिग्रहित करने पर जोर दिया जा रहा था। इस मामले की जानकारी डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह को दी गई। उन्होंने शासन स्तर पर चर्चा की। इसके बाद डीएम के निर्देश पर एडीएम भूमि संतोष कुमार, एसडीएम नर्वल विवेक मिश्रा, नायब तहसीलदार आशीष पटेल व एनएचएआई अधिकारियों की टीम मंगलवार को पुलिस फोर्स के साथ गांव पहुंची। चारों तरफ पुलिस ने पहरा लगा दिया। इसके बाद जमीन पर खड़ी बाउंड्रीवाल और अन्य निर्माण बुलडोजर से तोड़ना शुरू कर दिया। यह देख गांव के किसान और महिलाएं विरोध करने पहुंच गए। अफसरों से काफी नोकझोंक हुई। काफी समझाने के बाद लोग शांत हुए।
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पहले ही दी थी एनएचएआई ने हिदायत, नहीं माने किसान
रिंग रोड के लिए चयनित भूमि को अधिग्रहित करने के बाद भी किसान वहां पर फसल बुआई के साथ निर्माण कार्य करा रहे थे। एनएचएआई अधिकारियों ने कई बार उन्हें नोटिस जारी कर अधिग्रहित जमीन खाली करने के निर्देश दिए थे, लेकिन किसान मान नहीं रहे थे। इसके बाद प्रशासन को जबरन कार्रवाई करने को मजबूर होना पड़ा।
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अधिग्रहित जमीन पर कर दी प्लाटिंग, कई ने दूसरे को बेची
वर्ष 2023 में अधिग्रहित की जाने वाली जमीन पर ज्यादातर लोगों ने प्लाटिंग कर दी थी। कई ने जमीन दूसरे लोगों को बेच भी दी थी। इसके साथ कई किसान वहां पर फसल उगा रहे थे।

महिलाएं बोलीं, खड़ी फसल पर चलवाया बुलडोजर छतमरा गांव के किसानों ने बिना मुआवजा दिए जबरन जमीन खाली करने का आरोप लगाया है। कहा, बिना नोटिस के खड़ी फसल पर प्रशासन ने बुलडोजर चलवा दिया है। यह अन्याय है। करीब एक दर्जन से अधिक किसानों की जमीन पर खड़ी फसल नष्ट करा दी गई।



सभी को मिलेगा मुआवजा: डीएम
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि रिंग रोड के निर्माण में दो गांवों के किसान बाधा बने थे। दो साल से लगातार इन्हें मानने का प्रयास किया जा रहा था, लेकिन किसान ज्यादा मुआवजा की मांग कर रहे थे। रिंग रोड निर्माण में देरी हो रही थी इसलिए शासन के निर्देश पर टीम ने जमीन पर हुए कब्जे को हटवाया। ज्यादातर किसान पहले ही मुआवजा ले चुके हैं। जिन किसानों को मुआवजा नहीं मिला है, उन्हें पूरा पैसा दिया जाएगा। उनका हक नहीं मारा जाएगा।
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