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सपा में विवाद से बढ़ा बसपा का रेट

Sat, 08 Oct 2016 10:57 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, कानपुर Updated Sat, 08 Oct 2016 10:57 PM IST
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 bsp rate increased from sp controversy
कार्यकर्ताओं के साथ बसपा सुप्रीमो मायावती
सपा में विवाद और केंद्र सरकार के इनकम डिक्लेरेशन स्कीम की सख्ती के चलते बसपा में टिकटों के रेट हाई हो गए हैं। दरअसल बसपा ही ऐसी पार्टी हैं जहां पर गैर राजनीतिक या किसी भी पेशे का व्यक्ति विधानसभा चुनाव का टिकट हासिल कर सकता है। पैसे के बल पर चुनाव लड़ने वालों को लगता है कि इस बार बसपा सरकार बनाने के ज्यादा नजदीक है, इसलिए यदि टिकट मिल जाए तो कालाधन भी किसी न किसी तरीके से छिपाया जा सकता है। राजनीतिक हल्कों में यह चर्चा तेज है।
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पिछले कुछ दिनों से समाजवादी पार्टी के बीच मचे पारिवारिक विवाद का सीधा असर आने वाले चुनाव में देखा जा रहा है। कहा जा रहा है कि यदि ऐसी ही स्थिति रही तो सपा का ग्राफ तेजी से नीचे जाएगा। इसका सीधा फायदा बसपा को होगा। इसकी एक वजह यह भी है कि अल्पसंख्यक समाज का मतदाता सपा से बिखर सकता है। ऐसे लोगों के पास बसपा के अलावा और कोई चारा नहीं होगा। मायावती की स्थिति मजबूत होगी। इस बदले हुए राजनीतिक समीकरण में बसपा की अधिकांश सीटों पर टिकट पाने वालों की लाइन लगी है।
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इसके लिए गैर राजनीतिक और पैसे वाले लोग कुछ भी कीमत देने को तैयार हैं। हाई रेट पर टिकट पाने वालों में सबसे ज्यादा ऐसे लोग हैं, जो केंद्र की आईडीएस योजना से परेशान हैं। उन्हें समझ में नहीं आ रहा है कि वह अपनी काली कमाई कैसे बचाएं। ऐसे लोगों को लगता है कि यदि बसपा से टिकट मिल जाता है तो उन्हें राजनीतिक संरक्षण भी मिल जाएगा और सरकार आने पर वे फिर से अपना हिसाब बराबर कर लेंगे।
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पैसे के बल पर टिकट पाने वालों में ज्यादातर लोग जमीन और खनन के धंधे से ताल्लुक रखते हैं। पता चला है कि जिन सीटों पर कुछ दिन पहले तक तीन करोड़ की कीमत थी, वहां पर अब पांच करोड़ की बात चल रही है। कुछ स्थानों पर अभी टिकट बदले भी गए हैं। विधानसभा की उन सीटों पर रेट अधिक हैं, जहां पर मुस्लिम और पिछड़ी जातियों के मतदाताओं की संख्या ज्यादा है। पैसे के बल पर टिकट लेने की बात की पुष्टि अमर उजाला नहीं कर रहा है लेकिन राजनीतिक हल्कोें में इस तरह से टिकट लेने की काफी चर्चा है।
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