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पुलिसकर्मी की हत्या का मामला: बसपा नेता अनुपम दुबे की जमानत अर्जी खारिज, कड़ी सुरक्षा में फतेहगढ़ जेल से लाया गया
Mon, 19 Jul 2021 11:00 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 19 Jul 2021 11:00 PM IST
सार
जीआरपी थाने में अनुपम के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज हुई थी। अनुपम दुबे के कोर्ट में हाजिर न होने पर उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट व कुर्की आदेश जारी हुआ था। इसके बाद अनुपम ने फर्रुखाबाद में दर्ज एक दूसरे मुकदमे में समर्पण कर दिया था।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) में तैनात रहे एसआई की हत्या के 25 साल पुराने मुकदमे में फतेहगढ़ जेल से लाए गए बसपा नेता अनुपम दुबे की जमानत अर्जी मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट शैलेंद्र यादव ने खारिज कर दी है। इसके बाद उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
अगली सुनवाई 30 जुलाई को होगी। फर्रुखाबाद में तैनाती के दौरान अनुपम दुबे के खिलाफ दर्ज एक मुकदमे की विवेचना कर रहे इंस्पेक्टर राम निवास यादव स्थानांतरण के बाद ईओडब्ल्यू में भेजे गए थे। तभी वर्ष 1996 में अनुपम ने रामनिवास की ट्रेन में गोली मारकर हत्या कर दी थी।
जीआरपी थाने में अनुपम के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज हुई थी। अनुपम दुबे के कोर्ट में हाजिर न होने पर उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट व कुर्की आदेश जारी हुआ था। इसके बाद अनुपम ने फर्रुखाबाद में दर्ज एक दूसरे मुकदमे में समर्पण कर दिया था। उसे फतेहगढ़ जेल में रखा गया था।
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हत्या के मामले में सोमवार को कड़ी सुरक्षा में उसे सीएमएम कोर्ट लाया गया। यहां उसकी जमानत अर्जी खारिज हो गई। अनुपम के अधिवक्ता सुधीर कुमार द्विवेदी ने बताया कि जल्द ही सेशन कोर्ट में अनुपम की जमानत के लिए अर्जी दाखिल की जाएगी।
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अगली सुनवाई 30 जुलाई को होगी। फर्रुखाबाद में तैनाती के दौरान अनुपम दुबे के खिलाफ दर्ज एक मुकदमे की विवेचना कर रहे इंस्पेक्टर राम निवास यादव स्थानांतरण के बाद ईओडब्ल्यू में भेजे गए थे। तभी वर्ष 1996 में अनुपम ने रामनिवास की ट्रेन में गोली मारकर हत्या कर दी थी।
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जीआरपी थाने में अनुपम के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज हुई थी। अनुपम दुबे के कोर्ट में हाजिर न होने पर उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट व कुर्की आदेश जारी हुआ था। इसके बाद अनुपम ने फर्रुखाबाद में दर्ज एक दूसरे मुकदमे में समर्पण कर दिया था। उसे फतेहगढ़ जेल में रखा गया था।
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हत्या के मामले में सोमवार को कड़ी सुरक्षा में उसे सीएमएम कोर्ट लाया गया। यहां उसकी जमानत अर्जी खारिज हो गई। अनुपम के अधिवक्ता सुधीर कुमार द्विवेदी ने बताया कि जल्द ही सेशन कोर्ट में अनुपम की जमानत के लिए अर्जी दाखिल की जाएगी।
नकली इंजेक्शन बेचने में एक और जमानत अर्जी खारिज
ब्लैक फंगस के इलाज में इस्तेमाल होने वाले नकली इंजेक्शन बेचने के मामले में प्रयागराज के मेडिकल स्टोर संचालक मधुरम वाजपेयी उर्फ सुमंत की जमानत अर्जी औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन सामग्री अधिनियम के विशेष न्यायाधीश विकास गोयल ने खारिज कर दी है।
एडीजीसी संजय कुमार झा ने बताया कि ग्वालटोली चौराहे के पास से 27 मार्च को पुलिस ने एक कार से 68 एमफोनेक्स इंजेक्शन व 1.80 लाख रुपये बरामद किए थे। गाड़ी से प्रकाश मिश्रा व ज्ञानेश कुमार शर्मा को गिरफ्तार किया गया था।
जांच में पता चला था कि मधुरम, पंकज अग्रवाल और लखनऊ के मेडिकल स्टोर संचालक विजय कुमार का गैंग था। प्रकाश को जमानत मिल चुकी है, जबकि ज्ञानेश और विजय कुमार की जमानत अर्जी खारिज हो गई थी। पंकज भी जेल में हैं।
ब्लैक फंगस के इलाज में इस्तेमाल होने वाले नकली इंजेक्शन बेचने के मामले में प्रयागराज के मेडिकल स्टोर संचालक मधुरम वाजपेयी उर्फ सुमंत की जमानत अर्जी औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन सामग्री अधिनियम के विशेष न्यायाधीश विकास गोयल ने खारिज कर दी है।
एडीजीसी संजय कुमार झा ने बताया कि ग्वालटोली चौराहे के पास से 27 मार्च को पुलिस ने एक कार से 68 एमफोनेक्स इंजेक्शन व 1.80 लाख रुपये बरामद किए थे। गाड़ी से प्रकाश मिश्रा व ज्ञानेश कुमार शर्मा को गिरफ्तार किया गया था।
जांच में पता चला था कि मधुरम, पंकज अग्रवाल और लखनऊ के मेडिकल स्टोर संचालक विजय कुमार का गैंग था। प्रकाश को जमानत मिल चुकी है, जबकि ज्ञानेश और विजय कुमार की जमानत अर्जी खारिज हो गई थी। पंकज भी जेल में हैं।