{"_id":"5d1f89328ebc3e3c787d0169","slug":"brother-killed-his-brother-for-making-illegal-relationships","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"भाभी के साथ अवैध संबंध बनाना चाहता था देवर, एक दिन मिली बड़े भाई की खून से सनी लाश, हुई उम्रकैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भाभी के साथ अवैध संबंध बनाना चाहता था देवर, एक दिन मिली बड़े भाई की खून से सनी लाश, हुई उम्रकैद
Fri, 05 Jul 2019 11:00 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, औरैया
यूपी डेस्क, अमर उजाला, औरैया
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 05 Jul 2019 11:00 PM IST
विज्ञापन
कोर्ट ने सुनाया फैसला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
औरैया में आठ वर्ष पहले गांव शेखपुर करमपुर में बड़े भाई की हत्या में दोषी छोटे भाई को जनपद न्यायाधीश सुशील कुमार ने आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। वहीं, दो आरोपियों को दोषमुक्त किया।
जिला शासकीय अधिवक्ता अभिषेक मिश्रा ने बताया कि राजकुमार पुत्र श्रीकृष्ण दोहरे ने 13 अप्रैल 2011 को कोतवाली औरैया में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि चाचा रविंद्र विदुर उसकी मां से अवैध संबंध बनाने का प्रयास करता था। इस बात का उसके पिता विरोध करते थे।
विज्ञापन
जिला शासकीय अधिवक्ता अभिषेक मिश्रा ने बताया कि राजकुमार पुत्र श्रीकृष्ण दोहरे ने 13 अप्रैल 2011 को कोतवाली औरैया में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि चाचा रविंद्र विदुर उसकी मां से अवैध संबंध बनाने का प्रयास करता था। इस बात का उसके पिता विरोध करते थे।
विज्ञापन
आठ वर्ष पहले की गई थी हत्या, 20 हजार रुपये जुर्माना
इससे चाचा रविंद्र उसके पिता श्रीकृष्ण से रंजिश मानते थे। 12 अप्रैल 2011 की शाम उसके पिता श्रीकृष्ण और चाचा रविंद्र मेला देखने गए थे, लेकिन लौटकर घर नहीं आए। तलाश करने पर 13 अप्रैल को पिता श्रीकृष्ण का शव खेत में पड़ा मिला।
राजकुमार का आरोप था कि उसके पिता की हत्या चाचा रविंद्र ने की है। हत्या का यह मुकदमा रविंद्र पुत्र गंगाराम, रामगोपाल पुत्र सोनेलाल, टोटल उर्फ छोटे पुत्र धनीराम के विरुद्ध चला। अभियोजन की ओर से डीजीसी अभिषेक मिश्रा व बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद जनपद न्यायाधीश सुशील कुमार ने दो आरोपी रामगोपाल व टोटल उर्फ छोटे को आरोपमुक्त कर दिया।
मुख्य आरोपी रविंद्र को आजीवन कारावास व 20 हजार रुपये जुर्माना की सजा से दंडित किया। अधिवक्ता शिवम शर्मा के अनुसार कोर्ट ने जुर्माने की 80 फीसदी धनराशि बतौर हर्जा मुकदमे के वादी राजकुमार को देने का आदेश दिया है। सजा पाए रविंद्र को जिला कारागार इटावा भेज दिया गया है।
राजकुमार का आरोप था कि उसके पिता की हत्या चाचा रविंद्र ने की है। हत्या का यह मुकदमा रविंद्र पुत्र गंगाराम, रामगोपाल पुत्र सोनेलाल, टोटल उर्फ छोटे पुत्र धनीराम के विरुद्ध चला। अभियोजन की ओर से डीजीसी अभिषेक मिश्रा व बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद जनपद न्यायाधीश सुशील कुमार ने दो आरोपी रामगोपाल व टोटल उर्फ छोटे को आरोपमुक्त कर दिया।
मुख्य आरोपी रविंद्र को आजीवन कारावास व 20 हजार रुपये जुर्माना की सजा से दंडित किया। अधिवक्ता शिवम शर्मा के अनुसार कोर्ट ने जुर्माने की 80 फीसदी धनराशि बतौर हर्जा मुकदमे के वादी राजकुमार को देने का आदेश दिया है। सजा पाए रविंद्र को जिला कारागार इटावा भेज दिया गया है।