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इटावा: जिला कारागार में फंदे से लटका मिला बंदी का शव, दो निलंबित
Tue, 25 Aug 2020 01:37 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 25 Aug 2020 01:37 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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इटावा में जिला कारागार के बैरक में बंदी का शव फंदे से लटका मिला। लड़की ले जाने के आरोप में बंद औरैया के इस युवक को 10 अगस्त को लाया गया था। युवक के पिता ने आरोप लगाया कि जिला कारागार में वसूली के चलते उसके बेटे की हत्या हुई है।
उनका कहना है कि रविवार रात कारागार से उसके पास वसूली के लिए फोन भी आया था। देर शाम कानपुर से आए जेल डीआईजी ने लापरवाही पर जेल वार्डन और हेड वार्डन को निलंबित कर दिया। औरैया जिले के गांव कुकरकाट थाना एरवाकटरा निवासी रमेश सिंह यादव के 21 वर्षीय पुत्र पंकज को लड़की ले जाने के आरोप में 10 अगस्त को जिला कारागार भेजा गया था।
रविवार की देर रात में बैरक के अंदर उसका फंदे से लटका शव मिला। पंकज के पिता रमेश सिंह का आरोप है कि उसके पुत्र की हत्या जेल में वसूली के चलते की गई है। उन्होंने बताया कि रविवार को किसी ने उनके पास फोन करके खर्चा मांगा था। इस पर उन्होंने एक-दो दिन में रुपयों की व्यवस्था करके खर्चा पहुंचाने की बात कही थी।
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इसके बाद रात करीब 2 बजे सूचना मिली कि पुत्र की फांसी लगाने से मौत हो गई है। पिता ने यह भी आरोप लगाया कि आधार कार्ड के मुताबिक पंकज की उम्र 16-17 वर्ष है और पुलिस ने उसे 21 वर्ष का दिखाकर जेल भेज दिया था। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
जेल प्रशासन ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया। वहीं देर शाम मामले की जांच को पहुंचे डीआईजी जेल बीपी त्रिपाठी ने लापरवाही बरतने पर जेल वार्डन और हेड वार्डन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। डीआईजी ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है।
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उनका कहना है कि रविवार रात कारागार से उसके पास वसूली के लिए फोन भी आया था। देर शाम कानपुर से आए जेल डीआईजी ने लापरवाही पर जेल वार्डन और हेड वार्डन को निलंबित कर दिया। औरैया जिले के गांव कुकरकाट थाना एरवाकटरा निवासी रमेश सिंह यादव के 21 वर्षीय पुत्र पंकज को लड़की ले जाने के आरोप में 10 अगस्त को जिला कारागार भेजा गया था।
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रविवार की देर रात में बैरक के अंदर उसका फंदे से लटका शव मिला। पंकज के पिता रमेश सिंह का आरोप है कि उसके पुत्र की हत्या जेल में वसूली के चलते की गई है। उन्होंने बताया कि रविवार को किसी ने उनके पास फोन करके खर्चा मांगा था। इस पर उन्होंने एक-दो दिन में रुपयों की व्यवस्था करके खर्चा पहुंचाने की बात कही थी।
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इसके बाद रात करीब 2 बजे सूचना मिली कि पुत्र की फांसी लगाने से मौत हो गई है। पिता ने यह भी आरोप लगाया कि आधार कार्ड के मुताबिक पंकज की उम्र 16-17 वर्ष है और पुलिस ने उसे 21 वर्ष का दिखाकर जेल भेज दिया था। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
जेल प्रशासन ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया। वहीं देर शाम मामले की जांच को पहुंचे डीआईजी जेल बीपी त्रिपाठी ने लापरवाही बरतने पर जेल वार्डन और हेड वार्डन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। डीआईजी ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है।