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भयावह वारदात: यूपी में दोहराई जा रही क्रूर कहानी...प्रियंका का सवाल- क्या बेटियों संग सलूक जानने का हक भी नहीं

Thu, 29 Aug 2024 09:25 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, फर्रुखाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, फर्रुखाबाद Published by: शाहरुख खान Updated Thu, 29 Aug 2024 09:25 AM IST
सार

फर्रुखाबाद के कायमगंज में फंदे पर लटके मिले दोनों सहेलियों के शवों को पोस्टमार्टम कराने के बाद गांव लाया गया तो आक्रोशित परिजनों ने हत्या का आरोप लगाकर विरोध किया। उन्होंने शवों को उठने नहीं दिया। एसडीएम व सीओ कायमगंज के समझाने पर भी परिजन नहीं माने। 

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bodies of two friends were taken out after two hours of uproar in Farrukhabad
farrukhabad case - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

फर्रुखाबाद में फंदे पर लटके मिले दोनों सहेलियों के शवों को पोस्टमार्टम कराने के बाद गांव लाया गया तो आक्रोशित परिजनों ने हत्या का आरोप लगाकर विरोध शुरू कर दिया। उन्होंने शवों को उठने नहीं दिया। एसडीएम व सीओ कायमगंज के समझाने पर भी परिजन नहीं माने। दो घंटे बाद पहुंचे डीएम व एसपी ने परिजनों को हर स्तर पर कार्रवाई करने का भरोसा दिया। उसके बाद परिजनों ने शवों का अंतिम संस्कार किया।
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एक गांव की युवती (18) और किशोरी (17) दोनों सहेलियां सोमवार रात जन्माष्टमी का कार्यक्रम देखने मंदिर गईं थी। करीब 9 बजे रात वे घर लौटी, इसके बाद बुआ के घर जाने की कहकर दोबारा चली गईं। दूसरे दिन सुबह पास के ही आम के बाग में उनके खुद के दुपट्टे से दोनों सहेलियां लटकी मिलीं। पोस्टमार्टम में दोनों सहेलियों की फंदा लगाने से दम घुटने के कारण मौत की पुष्टि हुई। परिजन शव लेकर गांव चले गए।
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स्थिति को भांपकर एसपी आलोक प्रियदर्शी ने सीओ कायमगंज जय सिंह परिहार, इंस्पेक्टर रामअवतार सहित कई थानों की पुलिस को गांव में तैनात कर दिया। मुख्य अग्निशमन अधिकारी विजय प्रकाश को दमकल की गाड़ी के साथ मंगलवार रात गांव में भेजा गया। बुधवार सुबह जब परिजनों से शवों के अंतिम संस्कार के लिए कहा तो वह रिश्तेदार आने की बात कहने लगे। दो घंटे बाद भी परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी नहीं हुए।
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सीओ जय सिंह परिहार व एसडीएम ने उनको समझाया। परिजन शव लेकर अंतिम संस्कार स्थल पर पहुंचे। वहां चिताओं में आग लगाने के लिए राजी नहीं हुए। परिजनों का आरोप था कि दोनों सहेलियां एक साथ दुपट्टे से फंदा लगाकर आत्महत्या नहीं कर सकती हैं। जानकारी मिलने पर डीएम डॉ वीके सिंह व एसपी आलोक प्रियदर्शी अंतिम संस्कार स्थल पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों को समझाकर सभी पहलुओं पर जांच कर कार्रवाई करने का भरोसा दिया। इसके बाद परिजनों ने शवों को अंतिम संस्कार कर दिया।

मामला हाईटेक होने से गांव पहुंचा पूरे जिले का फोर्स
दो सहेलियों के एक साथ पेड़ पर शव लटके मिलने के मामले में विपक्षी दलों के सक्रिय होने पर मामला हाई टेक हो गया। इससे हर स्थित पर काबू पाने के लिए पुलिस प्रशासन भी सतर्क रहा। गांव में पूरे जिले का फोर्स नजर आया। सीओ सदर प्रदीप सिंह, सीओ मोहम्मदाबाद अरुण कुमार, मेरापुर एसओ नवीन कुमार, एसओ शमसाबाद बलराज भाटी, एसओ कंपिल जितेंद्र चौधरी, एसओ जहानगंज भोलेन्द्र चतुर्वेदी मौजूद रहे। 

कई दलों के नेता गांव पहुंचे
दो सहेलियों की गांव से अंत्येष्टि के लिए जाने से पहले कांग्रेस नेता मनोज गंगवार, बसपा नेता डॉ. सुनीत सिद्धार्थ, भाजपा नेता श्रीकृष्ण गौतम, ब्लॉक प्रमुख पति अरुण दुबे के अलावा भीम आर्मी के नेता भी गांव पहंंचे। सभी ने मामले की जानकारी की। 

 

उठे शव तो गश खाकर गिरीं बुआ
गांव से दोनों लड़कियों के शव उठाए गए तो एक लड़की की बुआ वहीं गश खाकर गिर गईं। इस पर वहां मौजूद एक महिला कांस्टेबल ने पानी लाकर मुंह पर छींटा मारा। इसके बाद अन्य महिलाओं ने उन्हें संभाला। 
 

कायमगंज के एक बाग में दो सहेलियों के फंदे पर शव मिलने की घटना पर राष्ट्रीय स्तर पर सियासत चरम सीमा पर पहुंच रही है। कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने एक्स पर लिखा कि क्या परिजनों को बेटियों पर हुआ सलूक जानने का हक नहीं है। उधर, सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बुधवार को प्रतिनिधिमंडल भेजकर सांत्वना और इंसाफ की आवाज उठाने की बात कही।

 

प्रियंका गांधी का सवाल, क्या बेटियों संग सलूक जानने का हक नहीं
दो सहेलियों के फंदे पर शव मिलने की वारदात पर सियासत शुरू हो गई है। कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने एक्स पर एक लड़की के पिता का वीडियो अटैच करके लिखा कि इतनी भयावह वारदात के बाद एक पिता को ये सवाल क्यों उठाने पड़ रहे हैं। क्या पीड़ित पिता को भी हक नहीं कि उसकी बेटी के साथ क्या सलूक हुआ। हाथरस, उन्नाव हो अथवा फर्रुखाबाद, सभी जगह वही क्रूर कहानी दोहराई जा रही है। महिला, गरीब, कमजोर अब न्याय की आशा छोड़ दें

 

उधर, सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक्स पर दूसरी पोस्ट डाली। कहा कि भाजपा सरकार की चुप्पी विचलित करने वाली है। शायद इसकी दो वजह हैं। पहली भाजपा स्त्री विरोधी कुविचार और दूसरा एससीएसटी विरोधी। सपा प्रतिनिधिमंडल भेजकर सांत्वना और इंसाफ के लिए आवाज उठाएगी। भाजपा से कोई उम्मीद नहीं बची। वह केवल राजनीतिक फायदे वाले मुद्दे उठाती है। भाजपा शासित राज्यों में महिला अपराधों के मामले मुंह, आंख, कान, नैतिकता के सभी दरवाजे बंद करके बैठ जाती है।

 

सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल आज जाएगा कायमगंज
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देश पर प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल ने कायमगंज की घटना में पीड़ित परिजनों से मिलने के लिए सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बना दिया। इसमें जिलाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव, समाजवादी अंबेडकर वाहिनी राष्ट्रीय अध्यक्ष मिठाइलाल भारती, डॉ. नवलकिशोर शाक्य, सर्वेश अंबेडकर, राघव दत्त मिश्रा, शशिमा सिंह दोहरे, सोमेंद्र यादव को शामिल किया है। यह सभी नेता बृहस्पतिवार को परिजनों से मिलने जाएंगे। इसके बाद रिपोर्ट प्रदेश कार्यालय भेजेंगे।

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