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Kanpur News: आलू की पछेती खेती में लगा झुलसा रोग
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इटावा/ताखा। आलू की पछेती खेती करने वाले किसानों को फसल में झुलसा रोग लगने से चिंता बढ़ गई है। झुलसा रोग से पौध की पत्तियां काली पड़ने लगती है, जिससे आलू की पैदावार कम हो जाती है। आलू में झुलसा रोग लगते देख किसानों ने फसल में दवा का छिड़काव शुरू कर दिया है।
जिले में करीब 56 हजार हैक्टेयर में आलू की बुआई हुई है। ब्लॉक क्षेत्र के कस्बा ऊसराहार के आसपास के गांव टिपटिया, बदकनशाहपुर, पुरैला, चितरपुर, नगला लछी, कदमपुर समेत करीब दो दर्जन से अधिक गावों में बड़ी संख्या में आलू की खेती की जाती है आलू की बुआई के समय गर्मी अधिक पड़ने से फसल का जमाव कम हुआ है अब रोग आने से किसानों की फसल पर संकट बढ़ गया है। रुद्रपुर गांव निवासी आलू किसान मोहित गुप्ता ने बताया कि झुलसा रोग आने से फसल खत्म हो गई तो किसान बर्बाद हो जाएगा। नगला लछी गांव निवासी आलू किसान प्रदीप यादव ने बताया कि गांव में कुछ खेतों में झुलसा रोग देखने को मिला है। अगर घना कोहरा पड़ा था तो और झुलसा रोग बढ़ेगा।
कोहरे में किसान फसल पर नियमित निगरानी रखें। उचित फफूंद नाशक दवाओं का छिड़काव करें। साथ ही खेतों में पानी का जमा न होने दें। इससे झुलसा रोग लगने की संभावना कम रहेगी।
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-श्याम सिंह, जिला उद्यान अधिकारी।
आलू की फसल में झुलसा रोग आने पर पत्तियों पर काले धब्बे पड़ जाते है। उसके बाद टहनी काली पड़ने लगती है तथा पौधे में सड़ांध शुरू हो जाती है। इसका सीधा असर उत्पादन पर पड़ता है। क्योंकि प्रकाश संश्लेषण प्रक्रिया बाधित होती है और फसल को खुराक नहीं मिल पाती। कृषि अनुसंधान अधिकारी सोमदत्त शर्मा ने बताया कि आलू की खेती में जहां झुलसा रोग लगा हो वहां किसान डाइथिन एम 45 अथवा रिडोमिल एक लीटर पानी में दो ग्राम दवा डाल कर छिड़काव करें। इससे झुलसा रोग से छुटकारा मिलेगा।
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जिले में करीब 56 हजार हैक्टेयर में आलू की बुआई हुई है। ब्लॉक क्षेत्र के कस्बा ऊसराहार के आसपास के गांव टिपटिया, बदकनशाहपुर, पुरैला, चितरपुर, नगला लछी, कदमपुर समेत करीब दो दर्जन से अधिक गावों में बड़ी संख्या में आलू की खेती की जाती है आलू की बुआई के समय गर्मी अधिक पड़ने से फसल का जमाव कम हुआ है अब रोग आने से किसानों की फसल पर संकट बढ़ गया है। रुद्रपुर गांव निवासी आलू किसान मोहित गुप्ता ने बताया कि झुलसा रोग आने से फसल खत्म हो गई तो किसान बर्बाद हो जाएगा। नगला लछी गांव निवासी आलू किसान प्रदीप यादव ने बताया कि गांव में कुछ खेतों में झुलसा रोग देखने को मिला है। अगर घना कोहरा पड़ा था तो और झुलसा रोग बढ़ेगा।
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कोहरे में किसान फसल पर नियमित निगरानी रखें। उचित फफूंद नाशक दवाओं का छिड़काव करें। साथ ही खेतों में पानी का जमा न होने दें। इससे झुलसा रोग लगने की संभावना कम रहेगी।
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-श्याम सिंह, जिला उद्यान अधिकारी।
आलू की फसल में झुलसा रोग आने पर पत्तियों पर काले धब्बे पड़ जाते है। उसके बाद टहनी काली पड़ने लगती है तथा पौधे में सड़ांध शुरू हो जाती है। इसका सीधा असर उत्पादन पर पड़ता है। क्योंकि प्रकाश संश्लेषण प्रक्रिया बाधित होती है और फसल को खुराक नहीं मिल पाती। कृषि अनुसंधान अधिकारी सोमदत्त शर्मा ने बताया कि आलू की खेती में जहां झुलसा रोग लगा हो वहां किसान डाइथिन एम 45 अथवा रिडोमिल एक लीटर पानी में दो ग्राम दवा डाल कर छिड़काव करें। इससे झुलसा रोग से छुटकारा मिलेगा।