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सिर्फ कंबल के सहारे नहीं कट रही यह सर्दी
ब्यूरो/अमर उजाला, कानपुर देहात
Updated Tue, 23 Dec 2014 01:33 AM IST
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पूस की सर्दी मरीजों पर भी भारी पड़ रही है। बीमारी से जूझ रहे मरीजों का
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जाड़ा तीन कंबलों से भी नहीं कट रहा है। वहीं अस्पताल परिसर में अलाव की
व्यवस्था न होने से तीमारदार परेशान हैं।
वह मरीजों के साथ ही रजाई में दुबकने को मजबूर हैं। तीमारदारों ने जिला प्रशासन से जिला अस्पताल में अलाव जलाए जाने की मांग की है।
वैसे तो सर्दियों में अस्पताल में मरीजों की संख्या कम रहती है। लेकिन अस्पताल में भर्ती मरीजों को बीमारी के अलावा सर्दी से भी जूझना पड़ता है।
इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीज भूरी देवी (75) निवासी सरगांव खुर्द ने बताया कि सर्दी की चपेट मेें आ जाने से वह जिला अस्पताल आई थी। यहां डाक्टर उसका इलाज कर रहे हैं। लेकिन अस्पताल की सर्दी से उन्हें और नुकसान हो रहा है। अस्पताल के दो कंबल से जाड़ा नहीं कट रहा है।
रसधान से आई पुष्पा देवी ने बताया कि उसकी पुत्री सोनी दो दिन पूर्व अचानक बीमार पड़ गई। पुष्पा का कहना है कि सुबह-शाम बिटिया की हालत ठीक रहती है। रात में अस्पताल में सर्दी अधिक हो रही है।
अस्पताल के कंबलों से काम नहीं चल रहा है। मजबूरी में उन्हें घर से रजाई मंगानी पड़ रही। वहीं जनरल वार्ड में भर्ती रेखा सर्दी से ठिठुर रही हैं।
अस्पताल में मौजूद मरीजों के परिजन राकेश कटियार, जयप्रकाश, पुष्पा आदि का कहना है कि रात में ठंड अधिक होने से उन्हें भी मरीज के साथ उन्हें भी लेटना पड़ता है। रात में यदि अलाव जले तो उन्हें राहत मिलेगी।
वह मरीजों के साथ ही रजाई में दुबकने को मजबूर हैं। तीमारदारों ने जिला प्रशासन से जिला अस्पताल में अलाव जलाए जाने की मांग की है।
वैसे तो सर्दियों में अस्पताल में मरीजों की संख्या कम रहती है। लेकिन अस्पताल में भर्ती मरीजों को बीमारी के अलावा सर्दी से भी जूझना पड़ता है।
इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीज भूरी देवी (75) निवासी सरगांव खुर्द ने बताया कि सर्दी की चपेट मेें आ जाने से वह जिला अस्पताल आई थी। यहां डाक्टर उसका इलाज कर रहे हैं। लेकिन अस्पताल की सर्दी से उन्हें और नुकसान हो रहा है। अस्पताल के दो कंबल से जाड़ा नहीं कट रहा है।
रसधान से आई पुष्पा देवी ने बताया कि उसकी पुत्री सोनी दो दिन पूर्व अचानक बीमार पड़ गई। पुष्पा का कहना है कि सुबह-शाम बिटिया की हालत ठीक रहती है। रात में अस्पताल में सर्दी अधिक हो रही है।
अस्पताल के कंबलों से काम नहीं चल रहा है। मजबूरी में उन्हें घर से रजाई मंगानी पड़ रही। वहीं जनरल वार्ड में भर्ती रेखा सर्दी से ठिठुर रही हैं।
अस्पताल में मौजूद मरीजों के परिजन राकेश कटियार, जयप्रकाश, पुष्पा आदि का कहना है कि रात में ठंड अधिक होने से उन्हें भी मरीज के साथ उन्हें भी लेटना पड़ता है। रात में यदि अलाव जले तो उन्हें राहत मिलेगी।