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खुश नहीं तो मायूस भी नहीं दिखे भाजपाई
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
Updated Wed, 11 Feb 2015 02:44 AM IST
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दिल्ली में भाजपा की करारी हार के बावजूद स्थानीय स्तर पर पार्टी कार्यकर्ता सामान्य दिखे। सुबह से लेकर शाम तक घर, पार्टी कार्यालयों और चौराहों पर जहां पर भी भाजपाई नजर आए, उनमें मायूसी नजर नहीं आई।
कार्यकर्ताओं ने हार को एक सबक के रूप में लेने की बात कही। पार्टी के पदाधिकारी कुछ कहने के बजाय चुप रहे। लोकसभा में भारी जीत के बाद मंगलवार ऐसा पहला दिन रहा, जब पदाधिकारियों ने मीडिया के साथ अपने कार्यों की बड़ाई नहीं की।
बिरहाना रोड, गोविंदनगर, किदवईनगर, घंटाघर, जरीब चौकी, नवीन मार्केट, काकादेव, लाल बंगला, कल्यानपुर इसी तरह शहर के तमाम जगहों पर पूरे दिन दिल्ली चुनाव को लेकर भाजपा एंड अदर्स में खूब चर्चा हुई।
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कार्यकर्ताओं का मानना है कि पार्टी में निचले स्तर को नजरअंदाज करने की वजह से ही यह स्थिति पैदा हुई। राजधानी में पार्टी की जीत मुकम्मल करने के लिए कानपुर से भी भाजपाइयों की टीम गई थी। जिसका नेतृत्व पार्टी के दो विधायकों सतीश महाना और सलिल विश्नोई ने किया।
हार के बाद जब इन नेताओं से बात की गई तो उनके पास कहने को कुछ शब्द ही नहीं थे। महाना ने कहा कि हार के कारण की समीक्षा तो पार्टी नेतृत्व करेगा, इतना जरूर है कि हम रणनीति बनाने में कहीं चूक गए। विधायक विश्नोई का कहना है कि कहीं न कहीं कमी जरूर रह गई।
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कार्यकर्ताओं ने हार को एक सबक के रूप में लेने की बात कही। पार्टी के पदाधिकारी कुछ कहने के बजाय चुप रहे। लोकसभा में भारी जीत के बाद मंगलवार ऐसा पहला दिन रहा, जब पदाधिकारियों ने मीडिया के साथ अपने कार्यों की बड़ाई नहीं की।
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बिरहाना रोड, गोविंदनगर, किदवईनगर, घंटाघर, जरीब चौकी, नवीन मार्केट, काकादेव, लाल बंगला, कल्यानपुर इसी तरह शहर के तमाम जगहों पर पूरे दिन दिल्ली चुनाव को लेकर भाजपा एंड अदर्स में खूब चर्चा हुई।
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कार्यकर्ताओं का मानना है कि पार्टी में निचले स्तर को नजरअंदाज करने की वजह से ही यह स्थिति पैदा हुई। राजधानी में पार्टी की जीत मुकम्मल करने के लिए कानपुर से भी भाजपाइयों की टीम गई थी। जिसका नेतृत्व पार्टी के दो विधायकों सतीश महाना और सलिल विश्नोई ने किया।
हार के बाद जब इन नेताओं से बात की गई तो उनके पास कहने को कुछ शब्द ही नहीं थे। महाना ने कहा कि हार के कारण की समीक्षा तो पार्टी नेतृत्व करेगा, इतना जरूर है कि हम रणनीति बनाने में कहीं चूक गए। विधायक विश्नोई का कहना है कि कहीं न कहीं कमी जरूर रह गई।