बिठूर महोत्सव: भगत सिंह की फांसी का अखबार देख भावुक हुए लोग, रानी लक्ष्मीबाई का विवाह निमंत्रण पत्र रहा आकर्षण
Kanpur News: संचालक रामचंद्र शर्मा ने बताया कि प्रदर्शनी में 1857 से लेकर कारगिल युद्ध तक के शहीदों और क्रांतिकारियों के दुर्लभ दस्तावेज हैं। इन्हें देखकर लोग भावुक हो रहे हैं और सेल्फी भी ले रहे हैं।
विस्तार
तीन दिवसीय बिठूर महोत्सव में विभिन्न प्रदेशों से आए कलाकारों ने 1857 के क्रांति की गवाह बिठूर की धरती पर सांस्कृतिक और आजादी के संघर्षों पर आधारित नृत्य एवं नाटक पेश करके सबका मन मोह रहे हैं। वहीं, महोत्सव में अथक पथ संग्रहालय बीना मध्यप्रदेश की तरफ से पुराने ऐतिहासिक अखबारों की प्रदर्शनी लगाई गई।
इसमें 23 मार्च 1931 भगत सिंह के फांसी वाले दिन के अखबार स्वाधीन भारत की प्रति देख लोग भावुक हो गए। यहां गणेश शंकर विद्यार्थी के हत्या वाले दिन का अखबार, रानी लक्ष्मीबाई के विवाह का पत्र की भी प्रदर्शनी लगाई गई। संचालक रामचंद्र शर्मा ने बताया कि प्रदर्शनी में 1857 से लेकर कारगिल युद्ध तक के शहीदों और क्रांतिकारियों के दुर्लभ दस्तावेज हैं।
छत्रपति शिवाजी कालीन की तलवारें बनीं आकर्षण का केंद्र
कोर हेरिटेज पुणे महाराष्ट्र की तरह वीर छत्रपति शिवाजी महाराज के काल की प्राचीन तलवारें, बरछी, भालों की प्रदर्शनी लगाई गई। सबसे आकर्षण का केंद्र छत्रपति शिवाजी महाराज के आठ शस्त्र रहें, जिसमें धोपर नाम की तलवार उल्लेखनीय रही। इसे शिवाजी के प्रमुख सेनापतियों में एक हंबीरर राव मोहिते ने छत्रपति शिवाजी महाराज को उनके राज्याभिषेक के दिन भेंट की थी।