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कोरोना वायरस: चीन से आए परिंदों का होगा नेजल टेस्ट, पशु पालन निदेशक ने जारी किए निर्देश
Sat, 01 Feb 2020 11:42 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 01 Feb 2020 11:42 PM IST
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कोरोना वायरस
- फोटो : एएनआई
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कन्नौज में लाख बहोसी पक्षी विहार में चीन से आए परिंदों में कोरोना वायरस की आशंका देखते हुए इनका नेजल टेस्ट कराने के निर्देश जारी किए गए हैं। लाख बहोसी पक्षी विहार में पशु चिकित्सा विभाग की रैपिड रिस्पांस टीम ने इन पक्षियों का नेजल और ब्लड सीरम का सैंपल लेने की तैयारी शुरू कर दी है।
इसके अलावा मुर्गी फार्म मालिकों और कर्मचारियों को लक्षण के बारे में जागरूक कर सतर्कता बरतने के लिए कहा गया है। लाख बहोसी पक्षी विहार इन दिनों साइबेरिया, अफ्रीका, अमेरिका, पाकिस्तान के अलावा चीन के पक्षियों से गुलजार है। चीन के पक्षी कूट शमन और ग्रेलैग गूज के आने से कोरोना वायरस और वर्ड फ्लू के फैलने का खतरा बढ़ गया है।
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इसके अलावा मुर्गी फार्म मालिकों और कर्मचारियों को लक्षण के बारे में जागरूक कर सतर्कता बरतने के लिए कहा गया है। लाख बहोसी पक्षी विहार इन दिनों साइबेरिया, अफ्रीका, अमेरिका, पाकिस्तान के अलावा चीन के पक्षियों से गुलजार है। चीन के पक्षी कूट शमन और ग्रेलैग गूज के आने से कोरोना वायरस और वर्ड फ्लू के फैलने का खतरा बढ़ गया है।
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इससे पशु चिकित्सा विभाग से लेकर वन विभाग के अधिकारियों ने चिंता जाहिर की है। पशु चिकित्सा विभाग की रैपिड रिस्पांस टीम ने चीन के इन पक्षियों का नेजल सैंपल (नाक से निकलने वाली लार) और ब्लड सीरम (खून और मल) का सैंपल लेना शुरू किया है। सैंपल भारतीय पशु अनुसंधान संस्थान इज्जतनगर बरेली जांच के लिए भेजे जाएंगे। इसके अलावा वर्ड फ्लू की रोकथाम के लिए जिले के मुर्गी फार्म मालिकों और कर्मचारियों को इनके लक्षण बताकर पशु चिकित्सा विभाग जागरूक कर रहा है।
किसी भी पक्षी या मुर्गी की मौत होने के साथ बीमार होने की बात सामने आती है तो तत्काल पशु चिकित्सा विभाग को जानकारी दी जाएगी। पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय शाल्या ने बताया कि पांच चिकित्सकों की रैपिड रिस्पांस टीम गठित कर दी गई है। ठंड के मौसम में लाख बहोसी पक्षी विहार झील में प्रवासी पक्षियों का आना शुरू हो जाता है।
किसी भी पक्षी या मुर्गी की मौत होने के साथ बीमार होने की बात सामने आती है तो तत्काल पशु चिकित्सा विभाग को जानकारी दी जाएगी। पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय शाल्या ने बताया कि पांच चिकित्सकों की रैपिड रिस्पांस टीम गठित कर दी गई है। ठंड के मौसम में लाख बहोसी पक्षी विहार झील में प्रवासी पक्षियों का आना शुरू हो जाता है।
इन पक्षियों में एंफ्लुएंजा वायरस पाया जाता है। प्रवासी पक्षियों से यह वायरस मुर्गियों में आ जाते हैं। इन्हीं मुर्गियों से मनुष्यों में फैलने का डर बना रहता है। इस बार चीन में पक्षियों से कोरोना वायरस फैला है। इसी से संदिग्ध पक्षियों और मुर्गियों का ब्लड और नेजल सीरम जांच के लिए बरेली भेजा जाएगा।
कोरोना और वर्ड फ्लू के लक्षण
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कृष्ण स्वरूप ने बताया कि पक्षियों के नजदीक रहने या खाने वाले लोगों में बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसका संक्रमण तेजी से फैलता है। यह जानलेवा होता है। मनुष्य में इन बीमारियों के होने पर आंखें लाल हो जाती हैं। नाक से पानी गिरने लगता है। तेज बुखार के साथ-साथ मांसपेशियों में दर्द होना, जी घबराना, दस्त होना, मसूड़ों और थूक से खून आ सकता है। बीमारी के होने पर पीड़ित के बचने की संभावनाएं कम होती हैं। इससे बीमारी होते ही विशेषज्ञ चिकित्सकों से जांच और इलाज कराना जरूरी होता है।
कोरोना और वर्ड फ्लू के लक्षण
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कृष्ण स्वरूप ने बताया कि पक्षियों के नजदीक रहने या खाने वाले लोगों में बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसका संक्रमण तेजी से फैलता है। यह जानलेवा होता है। मनुष्य में इन बीमारियों के होने पर आंखें लाल हो जाती हैं। नाक से पानी गिरने लगता है। तेज बुखार के साथ-साथ मांसपेशियों में दर्द होना, जी घबराना, दस्त होना, मसूड़ों और थूक से खून आ सकता है। बीमारी के होने पर पीड़ित के बचने की संभावनाएं कम होती हैं। इससे बीमारी होते ही विशेषज्ञ चिकित्सकों से जांच और इलाज कराना जरूरी होता है।