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बिकरू कांड: आरोपियों की रिमांड पर सुनवाई 12 मई को
Fri, 16 Apr 2021 09:55 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 16 Apr 2021 09:55 AM IST
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विकास दुबे कांड
- फोटो : amar ujala
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बिकरू कांड की सुनवाई अब 12 मई को होगी। 14 अप्रैल को कोर्ट में सुनवाई होनी थी लेकिन आंबेडकर जयंती के अवकाश के चलते कोर्ट ने नई तारीख दे दी है। इसमें बिकरू कांड के आरोपियों की रिमांड पर सुनवाई होनी है।
जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता आशीष तिवारी ने बताया कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई होने की संभावना है। बता दें कि चौबेपुर के बिकरू गांव में दो जुलाई 2020 की रात दुर्दांत हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे व उसके साथियों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया था और फायरिंग कर दी थी। इस घटना में तत्कालीन सीओ बिल्हौर देवेंद्र मिश्रा समेत आठ पुलिसकर्मी शहीद हुए थे। पुलिस ने विकास दुबे, अमर दुबे, प्रभात मिश्रा को एनकाउंटर में मार गिराया था।
बिकरू कांड में पुलिस ने माती कोर्ट में 36 आरोपियों के खिलाफ करीब 1700 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी। दो आरोपी अभी फरार हैं। विकास दुबे समेत छह बदमाश मारे जा चुके हैं। चार्जशीट के मुताबिक घटना को साजिश के तहत अंजाम दिया गया था। दहशतगर्द विकास को पुलिसकर्मियों ने तहरीर पहुंचने से लेकर दबिश रवाना होने तक की जानकारी दी थी।
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इसमें चौबेपुर के पूर्व एसओ विनय तिवारी और दरोगा केके शर्मा की मुख्य भूमिका रही। पुलिस ने विवेचना में इन्हीं तथ्यों को शामिल किया है। इससे संबंधित पारिस्थितिजन्य, वैज्ञानिक और फोरेंसिक साक्ष्यों को चार्जशीट में शामिल किया गया है। पुलिस की विवेचना के मुताबिक जब राहुल तिवारी ने विकास दुबे व उसके गुर्गों के खिलाफ पुलिस से शिकायत की थी तभी विकास को सूचना पहुंच गई थी।
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जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता आशीष तिवारी ने बताया कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई होने की संभावना है। बता दें कि चौबेपुर के बिकरू गांव में दो जुलाई 2020 की रात दुर्दांत हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे व उसके साथियों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया था और फायरिंग कर दी थी। इस घटना में तत्कालीन सीओ बिल्हौर देवेंद्र मिश्रा समेत आठ पुलिसकर्मी शहीद हुए थे। पुलिस ने विकास दुबे, अमर दुबे, प्रभात मिश्रा को एनकाउंटर में मार गिराया था।
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बिकरू कांड में पुलिस ने माती कोर्ट में 36 आरोपियों के खिलाफ करीब 1700 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी। दो आरोपी अभी फरार हैं। विकास दुबे समेत छह बदमाश मारे जा चुके हैं। चार्जशीट के मुताबिक घटना को साजिश के तहत अंजाम दिया गया था। दहशतगर्द विकास को पुलिसकर्मियों ने तहरीर पहुंचने से लेकर दबिश रवाना होने तक की जानकारी दी थी।
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इसमें चौबेपुर के पूर्व एसओ विनय तिवारी और दरोगा केके शर्मा की मुख्य भूमिका रही। पुलिस ने विवेचना में इन्हीं तथ्यों को शामिल किया है। इससे संबंधित पारिस्थितिजन्य, वैज्ञानिक और फोरेंसिक साक्ष्यों को चार्जशीट में शामिल किया गया है। पुलिस की विवेचना के मुताबिक जब राहुल तिवारी ने विकास दुबे व उसके गुर्गों के खिलाफ पुलिस से शिकायत की थी तभी विकास को सूचना पहुंच गई थी।