हत्यारोपी दरोगाओं पर पुलिस अधीक्षक की कृपा, 24 घंटे के अंदर कर दी तैनाती
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27 मई को मेरापुर थाने से पुलिस लाइन चौकी प्रभारी सीलेश गौतम विजेंद्र सिंह यादव को गुमशुदगी के मामले में पूछताछ के लिए प्राइवेट गाड़ी से फतेहगढ़ ला रहे थे। रास्ते में विजेंद्र ने उल्टी होने का बहाना बनाया। इस पर पुलिस कर्मियों ने उसे गाड़ी से उतार दिया।
इसी दौरान तेज गति से आ रही बोलेरो की टक्कर से विजेंद्र सिंह यादव की मौत हो गई थी। इस मामले में मृतक के भाई रवींद्र यादव ने मेरापुर एसओ देवेंद्र कुमार गंगवार, अचरा चौकी प्रभारी सीलेश गौतम समेत अन्य पुलिस कर्मियों पर हत्या का आरोप लगाकर मेरापुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। तत्कालीन एसपी मृगेंद्र सिंह ने एसओ मेरापुर देवेंद्र कुमार गंगवार व अचरा चौकी प्रभारी सीलेश गौतम को 30 मई को लाइन हाजिर कर दिया था।
मेरापुर थाने में दूसरे दरोगा की तैनाती की गई थी। 31 मई को एसपी मृगेंद्र सिंह के तबादले का आदेश आया। चार्ज छोड़ने से पहले एसपी ने लाइन हाजिर दोनों दरोगा की तैनाती कर दी। दरोगा देवेंद्र कुमार गंगवार की तैनाती शहर कोतवाली में एसएसआई के पद पर की गई है। दरोगा सीलेश गौतम को मोहम्मदाबाद कोतवाली की चौकी ताजपुर का प्रभारी बना दिया। इंस्पेक्टर रवींद्र यादव को लाइन से आईजीआरएस सेल का प्रभारी बनाया।
इंस्पेक्टर हेमंत कुमार को लाइन से क्राइम ब्रांच में तैनात किया गया। दरोगा सुरेंद्र सिंह को लाइन से मोहम्मदाबाद की पखना चौकी का प्रभारी बनाया गया। शहर कोतवाली में तैनात एसएसआई दिनेश चंद्र को अचरा चौकी प्रभारी बनाया गया। इसके साथ ही एसपी 29 हेड कांस्टेबल और सिपाहियों को इधर से उधर कर गए।
पुलिस अधीक्षक अतुल कुमार शर्मा ने बताया कि तत्कालीन मेरापुर एसओ देवेंद्र कुमार गंगवार व अचरा चौकी प्रभारी सीलेश गौतम को लाइन हाजिर करने के 24 घंटे में चार्ज दिए जाने की जानकारी हुई है। समीक्षा की जाएगी। समीक्षा के बाद जो तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।