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12वीं के स्टूडेंटों को पछाड़ा
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
Updated Mon, 30 May 2016 12:44 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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कानपुर। होम बेस्ड एग्जामिनेशन पैटर्न की वजह से सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजूकेशन (सीबीएसई) की दसवीं कक्षा का रिजल्ट बारहवीं से बेहतर है। 12वीं के मुकाबले दसवीं के 11.66 फीसदी ज्यादा स्टूडेंट पास हुए हैं। पिछले साल (2015) उत्तीर्ण स्टूडेेंटों के बीच का अंतर 0.81 फीसदी था।
वर्ष 2015 में जहां दसवीं के 98.91 फीसदी स्टूडेंट पास हुए थे, वहीं, 12वीं में पास होने वाले स्टूडेंटों की संख्या 98.10 फीसदी थी। इस बार (2016) दसवीं का रिजल्ट पिछले साल से 1.38 फीसदी कम हुआ है, फिर भी 12वीं के स्टूडेेंट पिछड़ गए हैं। क्योंकि इस बार 12वीं के 85.87 फीसदी स्टूडेंट पास हुए हैं, जबकि दसवीं के 97.53 फीसदी स्टूडेंट पास हो गए। सीबीएसई के क्षेत्रीय अधिकारी पीयूष कुमार शर्मा ने बताया कि दसवीं में ग्रेडिंग का प्रावधान है। एक तरह से एग्जाम होम बेस्ड होता है। स्टूडेंटों की पर्सनैलिटी और कम्युनिकेशन स्किल जांची जाती है। इस कारण स्टूडेंटों का उत्तीर्ण फीसदी बढ़िया रहता है। 12वीं का एग्जाम बोर्ड बेस्ड होता है। एग्जामिनेशन सेेंटर बदलता है। इसका असर रिजल्ट पर पड़ता है। लंबे समय बाद 12वींका रिजल्ट 90 फीसदी का आंकड़ा नहीं छू सका है। रिजल्ट के मामले में दसवीं के स्टूडेंट आगे हैं।
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वर्ष 2015 में जहां दसवीं के 98.91 फीसदी स्टूडेंट पास हुए थे, वहीं, 12वीं में पास होने वाले स्टूडेंटों की संख्या 98.10 फीसदी थी। इस बार (2016) दसवीं का रिजल्ट पिछले साल से 1.38 फीसदी कम हुआ है, फिर भी 12वीं के स्टूडेेंट पिछड़ गए हैं। क्योंकि इस बार 12वीं के 85.87 फीसदी स्टूडेंट पास हुए हैं, जबकि दसवीं के 97.53 फीसदी स्टूडेंट पास हो गए। सीबीएसई के क्षेत्रीय अधिकारी पीयूष कुमार शर्मा ने बताया कि दसवीं में ग्रेडिंग का प्रावधान है। एक तरह से एग्जाम होम बेस्ड होता है। स्टूडेंटों की पर्सनैलिटी और कम्युनिकेशन स्किल जांची जाती है। इस कारण स्टूडेंटों का उत्तीर्ण फीसदी बढ़िया रहता है। 12वीं का एग्जाम बोर्ड बेस्ड होता है। एग्जामिनेशन सेेंटर बदलता है। इसका असर रिजल्ट पर पड़ता है। लंबे समय बाद 12वींका रिजल्ट 90 फीसदी का आंकड़ा नहीं छू सका है। रिजल्ट के मामले में दसवीं के स्टूडेंट आगे हैं।
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