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Kanpur News: बहू हो या सास, शराब की दुकानदारी इनके पास
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सीएसए में बैठक
- फोटो : संवाद
कानपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नई आबकारी नीति के तहत जिले की 768 शराब और भांग की दुकानों की ई-लॉटरी हो गई है। खास बात यह है कि इनमें 258 लाइसेंस महिलाओं को मिले हैं। 25 साल की बहू से लेकर 70 साल की बुजुर्ग मां के नाम दुकानें आवंटित हुई हैं।
शराब की दुकानों की ई-लॉटरी गुरुवार को सीएसए के कैलाश भवन सभागार में निकाली गई थीं। आवंटन में पूरी तरह से पारदर्शिता लाने के लिए प्रेक्षक अपर मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव और जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में आईआईटी कानपुर की तरफ से तैयार साॅफ्टवेयर से लॉटरी निकाली गई। अक्सर महिलाएं शराब पीने और बिक्री का विरोध करती नजर आती हैं पर लाइसेंस लेने में इतनी संख्या में महिलाओं के आगे आने से लोगों में चर्चा रही। महिलाओं के भाग्य को देखते हुए इस बार किसी ने बहू के नाम, किसी ने मां, बहन और सास तक के नाम पर लाइसेंस लेने के लिए आवेदन किया था।
जब लॉटरी खुली तो 258 महिलाओं को लाइसेंस मिल गया। जिला प्रशासन के अनुसार, देसी शराब की 382 दुकानों के लिए कुल 6204, 331 कंपोजिट दुकानों (बियर-अंग्रेजी शराब) के लिए 2789, मॉडल शाप की 11 दुकानों के लिए 144 आवेदन आए थे। भांग की 46 दुकानों के लिए 175 आवेदन आए थे। देसी शराब की 382 दुकानों में 116 महिलाओं के नाम, कंपोजिट की 330 दुकानों में 120 महिलाएं, मॉडल शाप की 11 में पांच व भांग की 45 दुकानों में 17 महिलाओं के नाम आवंटित हुईं। वहीं, देवहा कंपोजिट शाॅप व दबौली में भांग की दुकान परिणाम में खाली रही। इन दोनों दुकानों को अगले चरण की लाॅटरी में शामिल किया जाएगा। जिलाधिकारी ने बताया कि इस बार ज्यादातर दुकानें कंपोजिट खोली जाएंगी।
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शराब की दुकानों की ई-लॉटरी गुरुवार को सीएसए के कैलाश भवन सभागार में निकाली गई थीं। आवंटन में पूरी तरह से पारदर्शिता लाने के लिए प्रेक्षक अपर मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव और जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में आईआईटी कानपुर की तरफ से तैयार साॅफ्टवेयर से लॉटरी निकाली गई। अक्सर महिलाएं शराब पीने और बिक्री का विरोध करती नजर आती हैं पर लाइसेंस लेने में इतनी संख्या में महिलाओं के आगे आने से लोगों में चर्चा रही। महिलाओं के भाग्य को देखते हुए इस बार किसी ने बहू के नाम, किसी ने मां, बहन और सास तक के नाम पर लाइसेंस लेने के लिए आवेदन किया था।
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जब लॉटरी खुली तो 258 महिलाओं को लाइसेंस मिल गया। जिला प्रशासन के अनुसार, देसी शराब की 382 दुकानों के लिए कुल 6204, 331 कंपोजिट दुकानों (बियर-अंग्रेजी शराब) के लिए 2789, मॉडल शाप की 11 दुकानों के लिए 144 आवेदन आए थे। भांग की 46 दुकानों के लिए 175 आवेदन आए थे। देसी शराब की 382 दुकानों में 116 महिलाओं के नाम, कंपोजिट की 330 दुकानों में 120 महिलाएं, मॉडल शाप की 11 में पांच व भांग की 45 दुकानों में 17 महिलाओं के नाम आवंटित हुईं। वहीं, देवहा कंपोजिट शाॅप व दबौली में भांग की दुकान परिणाम में खाली रही। इन दोनों दुकानों को अगले चरण की लाॅटरी में शामिल किया जाएगा। जिलाधिकारी ने बताया कि इस बार ज्यादातर दुकानें कंपोजिट खोली जाएंगी।
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