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कानपुर देहात के मलासा ब्लॉक में 40 वार्डों में गलत आरक्षण पर चुने गए बीडीसी सदस्य

Tue, 30 Nov 2021 01:03 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 30 Nov 2021 01:03 AM IST
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BDC members elected on wrong reservation in 40 wards in Malasa block of Kanpur Dehat
कानपुर देहात। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दौरान मलासा ब्लॉक की 40 क्षेत्र पंचायत सदस्य की सीटों पर गलत आरक्षण के आधार पर मतदान कराया गया। यह खुलासा सीडीओ की जांच रिपोर्ट से हुआ है।
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आरक्षण हेराफेरी में डीपीआरओ व कनिष्ठ लिपिक को संलिप्त पाते हुए दोषी ठहराया गया है। ऐसे में पंचायत चुनाव प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं। डीएम की रिपोर्ट पर निदेशक पंचायती राज ने लिपिक के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
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जनपद में क्षेत्र पंचायत सदस्य की 757 सीटों सहित ग्राम प्रधान की 618, जिला पंचायत सदस्य 32, ग्राम पंचायत सदस्य के 7851 पदों के लिए 26 अप्रैल को मतदान कराया गया था। पंचायत चुनाव के लिए 20 मार्च को नई अनंतिम आरक्षण सूची जारी की गई थी।
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इसके बाद दो दिनों तक आपत्तियां मांगी गई। सभी ब्लॉकों से कुल 1209 आपत्तियां दाखिल की गई। जिनका निस्तारण कर 25 मार्च को अंतिम आरक्षण सूची जारी कर दी गई थी। उस दौरान अफसरों ने आरक्षण मेें किसी तरह का बदलाव न होने की बात कही थी। इसके बावजूद मलासा विकासखंड की 40 क्षेत्र पंचायत सीटों के आरक्षण में बदलाव किया था।
हैरत की बात रही कि अनंतिम आरक्षण सूची जारी होने के बाद बदली गई सीटों पर किसी ने आपत्ति भी दर्ज नहीं कराई थी। अमर उजाला ने छह अप्रैल को हेराफेरी का खुलासा किया तो सियासी गलियारे में हड़कंप मच गया। अफसरों ने अपनी गर्दन बचाने के लिए तत्काल में लिपिक अशोक कुमार गुप्ता को निलंबित कर दिया गया था।
अपर डीपीआरओ अशोक कुमार सचान व एडीओ पंचायत मलासा हरिओम सक्सेना के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति शासन में भेजी गई थी। डीएम ने मामले की जांच सीडीओ सौम्या पांडेय को दी थी।
सीडीओ की रिपोर्ट में दावे-आपत्तियां न होने के बावजूद आरक्षण गलत होने में डीपीआरओ अनिल कुमार सिंह व कनिष्ठ लिपिक सुरेंद्र बहादुर कुशवाहा को स्पष्ट तौर पर दोषी ठहराया गया है। डीएम ने रिपोर्ट पंचायती राज निदेशक लखनऊ को रिपोर्ट भेजी। जिस पर निदेशक ने लिपिक के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश डीपीआरओ को दिए हैं। वहीं डीपीआरओ के विरुद्ध शासन स्तर से कार्रवाई की जाएगी।
मलासा ब्लॉक में 40 क्षेत्र पंचायत वार्डों का आरक्षण गलत होने के मामले में सीडीओ से जांच कराई गई थी। जिसमें तथ्यों के आधार पर डीपीआरओ अनिल कुमार सिंह व कनिष्ठ लिपिक सुरेंद्र बहादुर कुशवाहा को दोषी ठहराया गया है। कार्रवाई के लिए रिपोर्ट पंचायती राज निदेशक लखनऊ को भेजी गई है। - जितेंद्र प्रताप सिंह, जिलाधिकारी
इन क्षेत्र पंचायत सीटों का बदला गया आरक्षण
दोहरापुर, गिरदाैं, बम्हनौती, गुरगांव द्वितीय, गुढ़ा शेरपुर, बेड़ामऊ, मुडेरा, ततारपुर द्वितीय, बिदखुरी, बीबीपुर, छतेनी, बिहारी, पचलख, अंगदपुर, देवब्रह्मापुर, कछगांव, कैलई द्वितीय, पुलंदर, सिथराखुर्द द्वितीय, भरतौली, सनायाखेड़ा प्रथम, तुर्कीमऊ प्रथम, बिरमा, केशी, गुलौली, मलासा प्रथम, मलासा द्वितीय, डींघ, मुतैहरापुर, जरसेन द्वितीय, मीनापुर, चौकी, विजयीपुर, बरगवां, मोहम्मदपुर, गोपालपुर, कैलई प्रथम, जगदीशपुर, सरौटा व ततारपुर प्रथम।

बिना कार्रवाई आज रिटायर हो जाएंगे डीपीआरओ
मलासा ब्लॉक के 40 क्षेत्र पंचायत वार्डों के आरक्षण हेराफेरी में दोषी ठहराए गए डीपीआरओ अनिल कुमार सिंह आज रिटायर हो रहे हैं, लेकिन उनके खिलाफ कार्रवाई ठंडे बस्ते में पड़ी है। ऐसे में सवाल खड़ा हो रहा है कि डीपीआरओ को बचाने के लिए ही अफसर कार्रवाई से बचते रहे हैं।
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