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मृत महिला की गारंटी लगा बैंक को लगाया 24.50 लाख का चूना, शाखा प्रबंधक ने दर्ज कराई एफआईआर
Sat, 19 Dec 2020 03:01 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 19 Dec 2020 03:01 PM IST
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बैंक फ्रॉड
कानपुर में कपड़ा कारोबारी ने लोन लेने के लिए मृत महिला को गारंटर बनाकर बैंक को 24.50 लाख रुपये का चूना लगाया। शुक्रवार को पीएनबी की आजाद नगर शाखा की प्रबंधक अलका गुप्ता ने आरोपी के खिलाफ नवाबगंज थाने में फर्जी दस्तावेज के सहारे धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई है।
ऋण खाता एनपीए होने के बाद जब बैंक की ओर से जांच कराई गई तो इस फर्जीवाड़े का पता चला। इसके बाद शुक्रवार को आजाद नगर पीएनबी की शाखा प्रबंधक अलका गुप्ता ने कोर्ट के आदेश पर कपड़ा कारोबारी के खिलाफ नवाबगंज थाने में फर्जी दस्तावेज के सहारे धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई है।
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ऋण खाता एनपीए होने के बाद जब बैंक की ओर से जांच कराई गई तो इस फर्जीवाड़े का पता चला। इसके बाद शुक्रवार को आजाद नगर पीएनबी की शाखा प्रबंधक अलका गुप्ता ने कोर्ट के आदेश पर कपड़ा कारोबारी के खिलाफ नवाबगंज थाने में फर्जी दस्तावेज के सहारे धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई है।
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शाखा प्रबंधक अलका गुप्ता ने बताया कि कल्याणपुर की कपड़ा फर्म के प्रोपराइटर सतेंद्र कृष्णवंशी ने यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया (अब पीएनबी) की आजाद नगर शाखा में 24.50 लाख रुपये लोन के लिए आवेदन किया था। सतेंद्र ने अपनी पत्नी नीरज और नवाबगंज निवासी राम जानकी को बतौर गारंटर बनाया था।
11 जून 2015 को लोन की रकम उसके ऋण खाते में ट्रांसफर कर दी गई थी। पिछले साल 20 सितंबर को सतेंद्र का ऋण खाता एनपीए हो गया। तब तक लोन की राशि करीब 37 लाख रुपये हो गई थी। ऋण वसूली को बैंक की ओर से गारंटरों को नोटिस भेजा गया।
इस पर राम जानकी के परिजनों ने मृत्यु प्रमाणपत्र भेजकर बताया कि राम जानकी का देहांत वर्ष 1988 में हो गया था। नवाबगंज थाने में तहरीर देने पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। मामला कोर्ट तक पहुंच गया। थाना प्रभारी रमाकांत पचौरी ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर एफआईआर दर्ज कर बैंक से दस्तावेज मांगे गए हैं।
11 जून 2015 को लोन की रकम उसके ऋण खाते में ट्रांसफर कर दी गई थी। पिछले साल 20 सितंबर को सतेंद्र का ऋण खाता एनपीए हो गया। तब तक लोन की राशि करीब 37 लाख रुपये हो गई थी। ऋण वसूली को बैंक की ओर से गारंटरों को नोटिस भेजा गया।
इस पर राम जानकी के परिजनों ने मृत्यु प्रमाणपत्र भेजकर बताया कि राम जानकी का देहांत वर्ष 1988 में हो गया था। नवाबगंज थाने में तहरीर देने पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। मामला कोर्ट तक पहुंच गया। थाना प्रभारी रमाकांत पचौरी ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर एफआईआर दर्ज कर बैंक से दस्तावेज मांगे गए हैं।