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कानपुर: भांजी के दो बैंक खातों में बैंककर्मी मामा ने कराया 18 लाख का अवैध लेनदेन, रिपोर्ट दर्ज
Fri, 30 Oct 2026 11:55 PM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: Shikha Pandey
Updated Fri, 30 Oct 2026 11:55 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
प्राइवेट बैंककर्मी ने परिवार के ही 10 लोगों के बैंक खाते खुलवाए। इन बैंक खातों में अवैध लेनदेन किया गया। इंटर में पड़ने वाली भांजी के पास जब ओडिशा पुलिस की ओर से खातों में 18 लाख के अवैध लेनदेन का नोटिस आया तो उसने पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल से शिकायत की। उनके आदेश पर बैंककर्मी के खिलाफ साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने परिवार के सभी सदस्यों के बैंक खातों की डिटेल लेकर जांच शुरू की है।
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नर्वल के बौसर के बांबी भीतरी गांव निवासी छात्रा खुशी ने सीपी को बताया कि वह कल्याणपुर के केशवपुरम धामीखेड़ा स्थित नानी के घर में कुछ वर्षों से रह रही थी। करीब दो साल पहले प्राइवेट बैंक में काम करने वाले उसके छोटे मामा सूरज उर्फ उत्तम निषाद ने टारगेट पूरा करने के उसका खाता खुलवाने का दबाव बनाया। आधार कार्ड लेकर मामा ने केनरा और यूको बैंक में उसके नाम से दो खाते खुलवा दिए।
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खुशी के मुताबिक कुछ दिन बाद वह अपने घर चली गई। वहां से जब बैंक का डेबिट कार्ड और पासबुक मांगी तो मामा टालने लगा। बीती 26 सितंबर को अचानक नर्वल पुलिस खुशी के घर पहुंची। बताया कि ओडिशा से नोटिस आया है कि किसी व्यक्ति से हुई साइबर ठगी के एक लाख रुपये उसके बैंक खाते में आए हैं। शिकायत पर खुशी ने अपने बड़े मामा रवि को इसकी जानकारी दी तो उन्होंने कहा कि सूरज ने परिवार के 10 अन्य लोगों के खाते खुलवाए हैं। इनमें वो खुद, उनकी मां भी शामिल हैं।
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सूरज अब प्राइवेट बैंक में नौकरी भी नहीं करता है। इसके बाद 23 अक्तूबर को खुशी ने जब खुद दोनों बैंकों में जाकर जानकारी तो पता लगा कि उसके खातों से 18 लाख रुपये का लेनदेन किया गया है। सीपी ने अपने कार्यालय में रवि और सूरज को बुलाकर खुशी से आमना-सामना कराया।
सूरज ने सीपी को बताया कि कानपुर देहात के एक युवक के कहने पर उसने लोगों के खाते बैंकों में खुलवाने का काम शुरू किया था। इसके बाद सीपी के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज की गई। इंस्पेक्टर अभय सिंह का कहना है कि सभी खातों की डिटेल के साथ-साथ कानपुर देहात के युवक का भी पता किया जा रहा है।