बांदा: पन्ना टाइगर रिजर्व में बड़ी चूक, कोर एरिया में मेटल डिटेक्टर-जीपीएस संग घुसे चार लोग, पुलिस ने भेजा जेल
Banda News: पन्ना टाइगर रिजर्व के अति संवेदनशील कोर एरिया में मेटल डिटेक्टर, जीपीएस और आधुनिक उपकरणों के साथ गड़ा धन खोजने घुसे चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस घटना ने टाइगर रिजर्व की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विस्तार
देश-दुनिया में बाघों की पुनर्स्थापना और जैव विविधता के लिए पहचान रखने वाले पन्ना टाइगर रिजर्व के अति संवेदनशील कोर एरिया में मेटल डिटेक्टर, जीपीएस और आधुनिक उपकरण लेकर गड़ा धन खोजने पहुंचे चार लोगों को पकड़ा गया है। चंद्रनगर रेंज की राजगढ़ बीट में पांच अक्तूबर को हुई इस कार्रवाई ने टाइगर रिजर्व की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि कड़ी सुरक्षा वाले कोर एरिया तक आधुनिक उपकरणों के साथ बाहरी लोग आखिर पहुंच कैसे गए। पन्ना टाइगर रिजर्व के उपसंचालक वीरेंद्र पटेल के अनुसार चार लोगों को अवैध रूप से कोर क्षेत्र में प्रवेश कर गड़ा धन खोजते हुए पकड़ा गया। आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम-1972 की सुसंगत धाराओं में वन अपराध प्रकरण (पीओआर) दर्ज किया गया। चारों को राजनगर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
आठ-दस लोगों की चर्चा, गिरफ्तारी सिर्फ चार की
मामले में यह भी चर्चा है कि गड़ा धन खोजने आए समूह में आठ से दस लोग शामिल थे। हालांकि, पार्क प्रबंधन ने चार लोगों की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। अन्य संदिग्धों के संबंध में पूछे जाने पर प्रबंधन की ओर से कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। यह भी साफ नहीं हो सका कि आरोपियों से पूछताछ में अब तक क्या तथ्य सामने आए हैं और वे गड़ा धन खोजने के लिए कोर क्षेत्र में किस स्थान को निशाना बनाकर पहुंचे थे।
बांदा के दो लोगों समेत चार गिरफ्तार
पकड़े गए आरोपियों में बिहारी पटेल (35) निवासी टपरियन, तहसील राजनगर, जिला छतरपुर, चंद्रका प्रसाद तिवारी (42) निवासी इंद्रपुरी कॉलोनी, पन्ना, छोटेलाल राजपूत (46) निवासी तिनदवारा, तहसील नरैनी, जिला बांदा और ओम नरेंद्र कोरी (26) निवासी मुरारपुर, तहसील नरैनी, जिला बांदा शामिल हैं।
ऐतिहासिक राजगढ़ में घुसपैठ से सुरक्षा पर सवाल
घटना चंद्रनगर रेंज की राजगढ़ बीट में हुई। राजगढ़ का यह इलाका ऐतिहासिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। बुंदेली शासकों के दौर में यहां राजमहल स्थित था, जिसे अब हेरिटेज होटल के रूप में विकसित किया गया है। ऐसे संवेदनशील और ऐतिहासिक क्षेत्र में बाहरी लोगों का मेटल डिटेक्टर और जीपीएस जैसे उपकरणों के साथ प्रवेश करना सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी पर सवाल खड़े करता है।