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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Banda Husband and mother in law sentenced to life imprisonment for burning a married woman to death

Banda: विवाहिता को जलाकर मारने पति और सास को उम्रकैद, ससुर की हो चुकी है मौत, सात-सात हजार रुपये अर्थदंड भी

Fri, 21 Nov 2025 08:19 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Fri, 21 Nov 2025 08:19 PM IST
सार

Banda News: दहेज  न मिलने पर गर्भवती बहू को जलाकर मार डालने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम चंद्रपाल द्वितीय की अदालत ने दोषी पति और सास को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही, सात-सात हजार रुपये का अर्थदंड  भी लगाया है।

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Banda Husband and mother in law sentenced to life imprisonment for burning a married woman to death
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बांदा जिले में दहेज में बाइक व दो तोला जंजीर न मिलने पर ससुरालियों ने गर्भवती बहू को आग लगाकर जला दिया था। इस मामले में दोषी पति व सास को अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम चंद्रपाल द्वितीय की अदालत ने शुक्रवार को आजीवन कारावास सुनाया। साथ ही, अन्य धाराओं में सजा सहित 7-7 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। जिसकी अदायगी न करने पर 6-6 माह अतिरिक्त सजा काटनी होगी। दोषियों को जेल भेज दिया गया। पैलानी थाना क्षेत्र के पैलानी डेरा निवासी मलखान सिंह निषाद ने तहरीर देकर 22 मार्च 2010 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसने बेटी जयश्री की शादी 15 फरवरी 2003 को पैलानी डेरा निवासी राम सिंह निषाद के साथ की थी।

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सामर्थ्य के अनुसार दान दहेज देकर अपनी लड़की को विदा किया था। दहेज से दामाद राम सिंह, सास सियादुलारी व ससुर राम खेलावन संतुष्ट नही थे। अतिरिक्त दहेज में एक मोटर साइकिल व दो तोला जंजीर की शर्त पूरी न करने पर उसकी लड़की को मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित करते रहे। 27 मई 2007 को उसकी पुत्री को पीटकर घर से निकाल दिया था। उच्चाधिकारियों को प्रार्थना पत्र देने के बावजूद दोनों पक्षों में समझौता 10 जुलाई 2007 व 2 अप्रैल 2008 को हो गया। इसी बीच उसकी पुत्री ने एक बच्चे को जन्म दिया। कुछ दिन बाद वह अपना मकान बनवा रहा था।

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ससुरालीजनों ने शेष रुपयों की मांग की
तभी ससुरालियों को जानकारी मिली कि वह अतिरिक्त दहेज पूरी नहीं कर रहा है और उसकी पुत्री को दोबारा प्रताड़ित करने लगे। मकान बनवाने की मजदूरी का 30 हजार रुपये अपनी पुत्री जयश्री को देकर चला गया और कहा कि यह पैसा मजदूरों को दे देना। कुछ पैसा उसने मजदूरों को दे दिया। शेष पैसा उसकी पुत्री ने अपने पास रख लिया। शेष पैसे की मांग उसके ससुरालीजन ने की। लेकिन उसने पैसा देने से इन्कार कर दिया। 20 मार्च 2010 को शाम पांच बजे उसका पति राम सिंह, ससुर राम खेलावन व सास सिया दुलारी ने पीटकर उसे जलाकर हत्या कर दी। जब उसे जानकारी मिली तो वह मौके पर गया और अपनी गर्भवती पुत्री को जली हुई मौके पर पाया।

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7000-7000 रुपये से दंडित किया
हादसे के चलते उस दिन वह मुकदमा दर्ज नहीं करा पाया और 22 मार्च 2010 को रिपोर्ट दर्ज कराया।  मामले का आरोप पत्र विवेचक द्वारा 10 मई 2010 को अदालत में पेश किया। मामले की सुनवाई के दौरान तीनों के खिलाफ पांच अगस्त 2010 को आरोप बनाया गया। इसी बीच ससुर रामखेलावन निषाद की मृत्यु हो गयी। पति राम सिंह व सास सिया दुलारी की सुनवाई अदालत में की गयी। सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से आठ गवाह पेश किए गए। न्यायाधीश ने अपने 42 पृष्ठीय फैसले में पति राम सिंह व सास सियादुलारी को दोषी पाकर धारा 302/34 मे आजीवन कारावास व धारा 316 में 5-5 वर्ष का कारावास व 7000-7000 रुपये से दंडित किया। वर्तनान में राम सिंह मुहर्रिर का कार्य कर रहा था।

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