{"_id":"5e274fe38ebc3e4b6613cf2b","slug":"bagair-mittee-ugaee-ja-rahee-sabjiyon-kee-paudh-kanpur-news-knp53988598","type":"story","status":"publish","title_hn":"बगैर मिट्टी उगाई जा रही सब्जियों की पौध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बगैर मिट्टी उगाई जा रही सब्जियों की पौध
विज्ञापन
-बिना मिट्टी के तैयार किए गए पौधे।
- फोटो : KANNAUJ
तिर्वा(कन्नौज)। किसानों को फसलों में अच्छा मुनाफा देने के लिए खुले सेंटर ऑफ एक्सीलेंस एंड वेजिटेबल पार्क में बिना मिट्टी के पौधों को उगाया जा रहा है।
उमर्दा कस्बे के समीप बने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस एंड वेजिटेबल पार्क का मुख्य उद्देश्य किसानों को बेहतर पैदावार में सहयोग करना है। इससे कि वह ज्यादा मुनाफा कमा सकें। यहां देश-विदेश में बिकने वाली सब्जियों को वैज्ञानिक पद्धति से उगाया जा रहा है। सेंटर के प्रभारी डीएस यादव ने बताया कि कन्नौज समेत आसपास जनपदों के किसानों को लाभ मिल रहा है।
वेजिटेबल पार्क में जो पौधे उगाए जाते हैं, उनमें मिट्टी का प्रयोग नहीं किया जाता है। बिना मिट्टी के ही पौधे उगाए जा रहे हैं। इसके लिए नारियल बुरादा व परिलाइट का मिश्रण तैयार किया जाता है। इसमें पौधों को उगाया जाता है। पौधाें को मौसम से पहले उगाने के लिए उन्हें उसी प्रकार के तापमान में रखा जाता है। हाईटैक पद्धति से वेजिटेबल पार्क में पौधों का उत्पादन हो रहा है। पौधों के उत्पादन के समय मिट्टी दूर रखी जाती है। बिना मिट्टी के ही पौधे तैयार किए जा रहे हैं।
विज्ञापन
उमर्दा कस्बे के समीप बने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस एंड वेजिटेबल पार्क का मुख्य उद्देश्य किसानों को बेहतर पैदावार में सहयोग करना है। इससे कि वह ज्यादा मुनाफा कमा सकें। यहां देश-विदेश में बिकने वाली सब्जियों को वैज्ञानिक पद्धति से उगाया जा रहा है। सेंटर के प्रभारी डीएस यादव ने बताया कि कन्नौज समेत आसपास जनपदों के किसानों को लाभ मिल रहा है।
वेजिटेबल पार्क में जो पौधे उगाए जाते हैं, उनमें मिट्टी का प्रयोग नहीं किया जाता है। बिना मिट्टी के ही पौधे उगाए जा रहे हैं। इसके लिए नारियल बुरादा व परिलाइट का मिश्रण तैयार किया जाता है। इसमें पौधों को उगाया जाता है। पौधाें को मौसम से पहले उगाने के लिए उन्हें उसी प्रकार के तापमान में रखा जाता है। हाईटैक पद्धति से वेजिटेबल पार्क में पौधों का उत्पादन हो रहा है। पौधों के उत्पादन के समय मिट्टी दूर रखी जाती है। बिना मिट्टी के ही पौधे तैयार किए जा रहे हैं।
विज्ञापन