मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट में गरीबों की हालत खस्ता
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मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल आसरा आवास योजना के तहत गरीबों के लिए बनाए गए आशियाने आधे-अधूरे पड़े हैं। आवास बनने के सात माह बाद भी न तो घरों में बिजली और पाइप लाइन की फिटिंग कराई गई और न ही घरों में दरवाजे खिड़की लगाए गए। इससे सर्दी से बचाव के लिए गरीब वर्ग के लोग साड़ियों का पर्दा लगाकर गुजारा कर रहे हैं।
जिला नगरीय विकास अभिकरण द्वारा शहर में पहले चरण में अनुसूचित जाति के लोगों के कच्चे मकान गिराकर पक्के मकान आसरा आवास योजना के तहत बनाए गए लेकिन मकानों में आज तक खिड़की, दरवाजे नहीं लगाए गए और न ही छाप कराई गई। इससे गरीबों को आधे-अधूरे बने आशियानों में वक्त काटना पड़ रहा है। बिजली फिटिंग न होने से अंधेरे में रात गुजारनी पड़ रही है। बावजूद इसके ठेकेदार कोई ध्यान नही दे रहे।
ठेकेदारों की मनमानी से आजिज आकर लाभार्थी आशारानी, कुल्ली, रामदेव, मुन्नी, मनीराम, किशोरी, मुन्ना, ओमप्रकाश, मेवालाल, इंदू, सुनीता आदि ने डीएम को शिकायती पत्र सौंपकर मकानों की छाप कराने, बिजली व पाइप लाइन की फिटिंग कराने और खिड़की दरवाजे लगवाए जाने की मांग की है।