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दुधमुंही को जहर दे मां भी हमेशा के लिए सोई
अमर उजाला ब्यूरो/ कानपुर
Updated Sat, 09 Jul 2016 01:28 AM IST
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पिंकी की फाइल फोटो।
- फोटो : amarujala
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महाराजपुर के फुफुवार गांव में नाते-रिश्तेदारों के सामने पति द्वारा पीटे जाने और लांछन लगाए जाने से त्रस्त होकर महिला ने दुधमुंही बेटी को जहर देने के बाद खुद भी जहर पी लिया। हैलट में डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद से पति घर छोड़कर भाग निकला है। मायके वालों ने पति पर प्रताड़ना का आरोप लगाकर तहरीर दी है।
फुफुआर गांव निवासी अतीश उर्फ रामू उर्फ बड़के पानीपत में प्राइवेट नौकरी करता है। घर में पत्नी पिंकी उर्फ गोलू (22), दस माह की बेटी परी, मां शकुंतला और तीन छोटे भाई हैं। बेटी परी के मुंडन संस्कार और अखंड रामायण पर एक सप्ताह पहले रामू पानीपत से घर आया था। 6 जुलाई बुधवार को मुंडन में किसी बात पर रामू ने सार्वजनिक रूप से पत्नी पिंकी को बेरहमी से पीटा, लांछन लगाया। बेटी पर अत्याचार देख पिता कैलाश से रहा नहीं गया और इसका विरोध किया।
रिश्तेदारों के बीच पंचायत के बाद दोनों के बीच समझौता हुआ था। गुरुवार शाम को पिता और भाई के मायके लौटने के बाद रात को पिंकी ने दुधमुही बेटी को जहर पिलाने के बाद खुद भी पी लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन पास के निजी हॉस्पिटल ले गए जहां से हैलट रेफर कर दिया गया।
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हैलट में डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। शुक्रवार सुबह मायके से पिता कैलाश सहित अन्य परिजन पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। एसपी ग्रामीण अष्टभुजा प्रसाद सिंह और सीओ सदर अमित राय जांच करने घर पहुंचे। ग्रामीणों के बयान भी दर्ज किए। सीओ ने कहा कि तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
बच्ची की चीख सुन जागा परिवार
जहर खाने के बाद पिंकी तो चुप्पी साधे लेटी रही लेकिन दुधमुंही की चीख सुन घर के सभी लोग जग गए। बेटी की चीख नहीं सुनाई देती तो शायद सुबह तक किसी को पता भी नहीं चलता। चारपाई के पास से ही जहर की खाली शीशी पड़ी थी। यह देखते ही सब माजरा समझ गए।
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फुफुआर गांव निवासी अतीश उर्फ रामू उर्फ बड़के पानीपत में प्राइवेट नौकरी करता है। घर में पत्नी पिंकी उर्फ गोलू (22), दस माह की बेटी परी, मां शकुंतला और तीन छोटे भाई हैं। बेटी परी के मुंडन संस्कार और अखंड रामायण पर एक सप्ताह पहले रामू पानीपत से घर आया था। 6 जुलाई बुधवार को मुंडन में किसी बात पर रामू ने सार्वजनिक रूप से पत्नी पिंकी को बेरहमी से पीटा, लांछन लगाया। बेटी पर अत्याचार देख पिता कैलाश से रहा नहीं गया और इसका विरोध किया।
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रिश्तेदारों के बीच पंचायत के बाद दोनों के बीच समझौता हुआ था। गुरुवार शाम को पिता और भाई के मायके लौटने के बाद रात को पिंकी ने दुधमुही बेटी को जहर पिलाने के बाद खुद भी पी लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन पास के निजी हॉस्पिटल ले गए जहां से हैलट रेफर कर दिया गया।
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हैलट में डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। शुक्रवार सुबह मायके से पिता कैलाश सहित अन्य परिजन पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। एसपी ग्रामीण अष्टभुजा प्रसाद सिंह और सीओ सदर अमित राय जांच करने घर पहुंचे। ग्रामीणों के बयान भी दर्ज किए। सीओ ने कहा कि तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
बच्ची की चीख सुन जागा परिवार
जहर खाने के बाद पिंकी तो चुप्पी साधे लेटी रही लेकिन दुधमुंही की चीख सुन घर के सभी लोग जग गए। बेटी की चीख नहीं सुनाई देती तो शायद सुबह तक किसी को पता भी नहीं चलता। चारपाई के पास से ही जहर की खाली शीशी पड़ी थी। यह देखते ही सब माजरा समझ गए।