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पुलिस और डाकू बबुली कोल के बीच फंसा एक गांव, आत्महत्या करने को मजबूर हुए ग्रामीण
Tue, 05 Mar 2019 09:09 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Tue, 05 Mar 2019 09:09 PM IST
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चित्रकूट के मानिकपुर में एक तरफ डाकुओं की मार तो दूसरी तरफ पुलिस की कार्रवाई से पाठा क्षेत्र में दस्यु प्रभावित गांव के बाशिंदे परेशान हैं। जहां डाकू बबुली कोल पुलिस की मुखबिरी करने पर ग्रामीणों को पीट रहा है वही पुलिस ने ऐसे ग्रामीणों के घर में नोटिस चस्पा कर दी है जिनके ऊपर डाकुओं को संरक्षण देने का शक है।
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ऐसे ग्रामीणोें को थाने में पूछताछ के लिए बुलाया गया है जिससे ग्रामीण परेशान हैं। पाठा क्षेत्र के नागर गांव में पुलिस व डाकू बबुली कोल की दो दिन पहले नागर गांव में मुठभेड़ हुई। जिसमें गैंग के तीन सदस्यों के घायल होने की भी बात सामने आयी थी।
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डाकुओं को संरक्षण देने पर बरपेगा पुलिस का कहर
इस मामले में नागर गांव के प्रधानपति को डाकुओं को संरक्षण देने पर गिरफ्तार किया गया था। वही शनिवार की रात कुख्यात डकैत बबुली ने मुखबिरी करने के शक में ग्रामीणों के साथ मारपीट किया। डाकुओं के डर के चलते किसी ने रिपोर्ट तक नहीं लिखाई। वही थाना मानिकपुर पुलिस ने नागर गांव में ग्रामीणों के घरों में नोटिस चस्पा कर दी है।
जिसमें डाकू बबुली कोल के बिरादरी के अधिकतर लोग हैं। जिनसे कहा गया कि थाने उपस्थित हो। चस्पा की गई नोटिस में कहा गया कि, सूचित किया जाता है कि आवश्यक जांच के लिए थाने मेें आकर अपने बयान दर्ज कराए। उपस्थित न होने पर कार्यवाही के लिए उत्तरदायी होंगे : थानाध्यक्ष केपी दुबे।
जिसमें डाकू बबुली कोल के बिरादरी के अधिकतर लोग हैं। जिनसे कहा गया कि थाने उपस्थित हो। चस्पा की गई नोटिस में कहा गया कि, सूचित किया जाता है कि आवश्यक जांच के लिए थाने मेें आकर अपने बयान दर्ज कराए। उपस्थित न होने पर कार्यवाही के लिए उत्तरदायी होंगे : थानाध्यक्ष केपी दुबे।