फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Auraiya News ›   Auraiya: Kamlesh Pathak's bail plea rejected

Auraiya: कमलेश पाठक की जमानत याचिका खारिज, व्यापारी की शिकायत पर पुलिस ने की थी गैंगस्टर की कार्रवाई

Fri, 19 Jun 2026 12:02 AM IST
Shikha Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरैया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरैया Published by: Shikha Pandey Updated Fri, 19 Jun 2026 12:02 AM IST
सार

थोक व्यापारी की शिकायत पर चार अप्रैल 2026 को पुलिस ने गैंगस्टर की कार्रवाई की थी। विशेष न्यायालय गैंगस्टर ने जमानत याचिका निरस्त की। 

विज्ञापन
Auraiya: Kamlesh Pathak's bail plea rejected
पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक मामला - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

औरैया के दोहरे हत्याकांड में करीब छह साल से अधिक समय से केंद्रीय कारागार आगरा में निरुद्ध पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक के खिलाफ दोबारा लगाए गए गैंगस्टर के मामले में कोर्ट ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी। विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर के प्रभारी महेश कुमार ने फैसला सुनाया। शहर के चर्चित दोहरे हत्याकांड में पूर्व एमएलसी की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। 20 मार्च 2020 को शहर के मोहल्ला नारायनपुर स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर में अधिवक्ता मंजुल चौबे व उसकी चचेरी बहन सुधा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्या के आरोप में पुलिस ने कमलेश पाठक व उसके 11 साथियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। बाद में पुलिस ने कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया।
विज्ञापन


इस घटना के बाद कोतवाली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की, जिसमें सत्र न्यायालय ने 24 मार्च 2026 को छह साल की सजा सुनाई थी। इस सजा के खिलाफ उसे हाईकोर्ट से राहत मिली। जब तक उसकी रिहाई होती प्रशासन ने चार अप्रैल 2026 को कमलेश पाठक व उसके एक सहयोगी अब्दुल सत्तार सहित अज्ञात के खिलाफ दोबारा गैंगस्टर के तहत मुकदमा दर्ज करा दिया।
विज्ञापन


इस मामले में पूर्व एमएलसी पर जेल से रंगदारी वसूलने को आधार बनाया गया। बटन के थोक व्यापारी राजेश कुमार ने कमलेश पाठक पर 50 हजार रुपये प्रति माह रंगदारी अपने सहयोगी अब्दुल सत्तार के माध्यम से वसूलने का आरोप लगाया था। कमलेश पाठक की ओर से गैंगस्टर के इस मामले में जमानत प्रार्थना पत्र कोर्ट में प्रस्तुत किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


बृहस्पतिवार को इस मामले में सुनवाई की गई। बचाव पक्ष ने आरोपी को निर्दोष बताया। तर्क दिया कि वह लगातार जेल में है। एक दिन के लिए भी बाहर नहीं आया। ऐसे में रंगदारी का आरोप काल्पनिक और असंभव प्रतीत होता है। वहीं, अभियोजन पक्ष ने यह कर जमानत का विरोध किया गया कि कमलेश पाठक पर 36 मुकदमों का इतिहास है। अगर जमानत दे दी गई तो वह दोबारा अपराध कर सकता है। दोनों पक्षों सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश महेश कुमार ने उसकी जमानत याचिका को निरस्त कर दिया। अधिवक्ता अंकुर अवस्थी के अनुसार अब बचाव पक्ष को इस आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट जाना पड़ेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed