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Auraiya: ढाई माह के मासूम की टीकाकरण के बाद संदिग्ध हालात में हुई मौत, मुंह व नाक से आने लगा था खून
Thu, 09 Jul 2026 11:51 PM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरैया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरैया
Published by: Shikha Pandey
Updated Thu, 09 Jul 2026 11:51 PM IST
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मासूम की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
ममरेजपुर आल सरैया गांव में ढाई माह के एक मासूम की टीकाकरण के बाद संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों की सूचना पर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच की। स्वास्थ्य विभाग ने बच्चे का पोस्टमार्टम कराने को कहा, लेकिन परिजनों ने इससे इन्कार कर दिया।
पाता सरैया निवासी ओमजी के दो पुत्र हैं। उनके बड़े बेटे बिराज की उम्र तीन वर्ष है, जबकि छोटा बेटा सक्षम ढाई माह का था। बुधवार दोपहर करीब डेढ़ बजे ओमजी अपने पुत्र सक्षम को टीकाकरण के लिए गांव के प्राथमिक विद्यालय में आयोजित वैक्सीनेशन शिविर में ले गए थे। वहां तैनात एएनएम कल्पना ने बच्चे को निर्धारित वैक्सीन लगाई। टीकाकरण के बाद परिजन सक्षम को घर ले आए। ओमजी के अनुसार, रात में उनके पुत्र की तबीयत बिगड़ गई। बृहस्पतिवार तड़के सक्षम के मुंह व नाक से खून आने लगा।
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पाता सरैया निवासी ओमजी के दो पुत्र हैं। उनके बड़े बेटे बिराज की उम्र तीन वर्ष है, जबकि छोटा बेटा सक्षम ढाई माह का था। बुधवार दोपहर करीब डेढ़ बजे ओमजी अपने पुत्र सक्षम को टीकाकरण के लिए गांव के प्राथमिक विद्यालय में आयोजित वैक्सीनेशन शिविर में ले गए थे। वहां तैनात एएनएम कल्पना ने बच्चे को निर्धारित वैक्सीन लगाई। टीकाकरण के बाद परिजन सक्षम को घर ले आए। ओमजी के अनुसार, रात में उनके पुत्र की तबीयत बिगड़ गई। बृहस्पतिवार तड़के सक्षम के मुंह व नाक से खून आने लगा।
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परिजन उसे अस्पताल ले जाने की तैयारी कर ही रहे थे कि इसी बीच मासूम ने दम तोड़ दिया। परिजनों की सूचना पर पाता चौकी प्रभारी नरेंद्र कुमार मौके पर पहुंचे। इसके बाद डिप्टी सीएमओ राकेश कुमार और सीएचसी अछल्दा अधीक्षक जितेंद्र कुमार टीम के साथ गांव पहुंचे। सीएचसी अधीक्षक जितेंद्र यादव ने बताया कि एक ही बॉयल से तीन बच्चों को पेंटा, रोटावायरस और ओपीवी की दूसरी खुराक लगाई गई थी।
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उन्होंने कहा कि टीकाकरण के बाद अगर कोई दिक्कत होती है तो वह 30 मिनट के अंदर पता चल जाती है। अन्य दो बच्चे स्वस्थ हैं। उनकी राय में इस बच्चे की मौत वैक्सीन से नहीं हुई है। मौत की वजह पोस्टमार्टम से स्पष्ट होती पर परिजनों ने इन्कार कर दिया।