ऑडियो सही, वीडीओ दोषी: प्रधानमंत्री आवास के नाम पर VDO ने मांगे थे रुपये, बीडीओ ने की जांच…ये भी है अंदेशा
Kanpur News: बीडीओ ने बताया कि जांच में पाया गया कि वीडीओ के साथ प्रधान ने जालसाजी की थी। लाभार्थी, प्रधान और सचिव के लिखित बयान लिए गए, तो पता चला कि प्रधान और सचिव के बीच आपसी लड़ाई है। इसी कारण वीडीओ को फंसाने का भी अंदेशा है।
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कानपुर में प्रधानमंत्री आवास दिलाने के नाम पर लाभार्थियों से वसूली करने वाले बिल्हौर के ग्राम विकास अधिकारी को जांच में दोषी पाया गया है। 15 दिन पहले उनका एक ऑडियो वायरल हुआ था। मामले की जांच बिल्हौर बीडीओ दिनेश वर्मा ने की। हालांकि जांच रिपोर्ट में उन्होंने प्रधान द्वारा वीडीओ के साथ जालसाजी रचने का जिक्र भी किया है।
अब रिपोर्ट के अनुसार सीडीओ दीक्षा जैन कार्रवाई करेंगी। बिल्हौर के पुरा गांव की राजरानी से प्रधानमंत्री आवास दिलाने के नाम पर 15 हजार रुपये की मांग करते हुए ग्राम विकास अधिकारी का ऑडियो वायरल हुआ था। वीडीओ का नजदीकी जगदीश राजरानी से वीडीओ की बात कराता है। वीडीओ महिला से पैसे देने की बात कहते हैं।
दोषी मिलने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
इसके बाद सीडीओ ने पांच दिन में जांच रिपोर्ट सौंपने को कहा था पर बीडीओ ने 15 दिन में जांच पूरी की। बीडीओ दिनेश ने बताया कि जांच में सचिव पूरी तरह से दोषी पाए गए हैं। रिपोर्ट डीडीओ को भेज दी गई है। सीडीओ दीक्षा जैन ने बताया कि अगर वायरल ऑडियो की सही तरह से जांच नहीं की गई, तो दोबारा जांच कराई जाएगी। जांच में अगर दोषी मिलने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
वीडीओ को बचाने की कोशिश
बीडीओ ने बताया कि जांच में पाया गया कि वीडीओ के साथ प्रधान ने जालसाजी की थी। लाभार्थी, प्रधान और सचिव के लिखित बयान लिए गए, तो पता चला कि प्रधान और सचिव के बीच आपसी लड़ाई है। इसी कारण वीडीओ को फंसाने का भी अंदेशा है।