चित्रकूट: विवाहिता को जिंदा जलाकर मारने का प्रयास, आरोपी पति को सात साल की कैद, 25 हजार का अर्थदंड भी
Chitrakoot Crime: अपर जिला जज संजय कुमार ने इस मामले में शनिवार को निर्णय सुनाया। इसमें दोष सिद्ध होने पर पीड़िता के आरोपी पति दीपू को सात वर्ष कारावास की सजा और 25000 रुपये अर्थदंड से दंडित करने का आदेश दिया गया।
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चित्रकूट जिले में बच्चे पैदा न होने और दहेज को लेकर विवाहिता को जिंदा जलाकर जान लेने के प्रयास के मामला सामने आया था। मामले में दोषसिद्ध होने पर त्वरित न्यायालय ने आरोपी पति को सात वर्ष कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 25 हजार के अर्थदंड से भी दंडित किया है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी गोपाल दास ने बताया कि मध्यप्रदेश के सतना जिले के कोलगवां थाने के बारीकला गांव की निवासी ज्योति ने दहेज उत्पीड़न और हत्या के प्रयास की रिपोर्ट ससुरालियों के खिलाफ दर्ज कराई थी। पीड़िता के अनुसार उसकी शादी कर्वी के बेड़ी पुलिया चकला राजरानी निवासी दीपू के साथ 2014 को हुई थी।
शादी के बाद से ही पति दीपू ससुरालियों के साथ मिलकर बच्चे पैदा न होने और दहेज के लिए उसका उत्पीड़न करता था। इसके बाद सात मार्च 2016 को सबेरे 6:30 बजे पति दीपू ने ससुरालियों के साथ मिल कर जान से मारने की नीयत से उस पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दिया और कमरे में बंद कर दिया।
इलाज के बाद लौटी, तो पति ने साथ रखने से मना कर दिया
चीख पुकार सुनकर पड़ोसियों ने उसे बाहर निकाला और अस्पताल में भर्ती कराया। लगभग 12 दिन तक इलाज कराने के बाद वह वापस आई, तो पति ने उसे साथ रखने से मना कर दिया और धमकी देकर भगा दिया। पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज करने के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था।
सात वर्ष कारावास की सजा और 25000 रुपये अर्थदंड
बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद त्वरित न्यायालय के अपर जिला जज संजय कुमार ने इस मामले में शनिवार को निर्णय सुनाया। इसमें दोष सिद्ध होने पर पीड़िता के आरोपी पति दीपू को सात वर्ष कारावास की सजा और 25000 रुपये अर्थदंड से दंडित करने का आदेश दिया गया।