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एएसआई हत्याकांड: लूटकर फेंकने का था इरादा, वर्दी में फोटो देखी तो कर दी हत्या
Wed, 27 May 2020 09:33 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 27 May 2020 09:33 PM IST
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एएसआई हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
कानपुर में सीआईएसएफ के दरोगा की हत्या करने वाले आरोपियों ने पुलिस की पूछताछ में स्वीकार किया है कि वे लोग रामवीर को लूटकर फेंकने के इरादे से उसे उसी की कार में बैठाकर निकले थे। तभी उनके मोबाइल पर वर्दी में फोटो दिखी तो फंसने के डर से उनकी हत्या कर दी।
पनकी थानाध्यक्ष शैलेंद्र यादव ने बताया कि मोहन फार्मासिस्ट है। उसका किरायेदार सौरभ मजदूरी करता है। दरोगा की कार में टक्कर लगने के बाद आरोपियों का उनसे विवाद हुआ। इसी बीच आरोपियोें ने उनके सिर पर शराब की बोतल मार दी। समझौते के बाद दरोगा को उसी की स्कार्पियो से घर छोड़ने निकले।
तभी इनके मन में दरोगा को लूटने का विचार आया। मारपीट कर उनका मोबाइल, पर्स, नगदी आदि लूट ली। इसी बीच फोन पर उनकी फोटो देखी तो पता चला कि रामवीर सीआईएसएफ में है। फंसने के डर से दोनों ने उनकी हत्या कर दी। एक घंटे में ही आरोपियों को पकड़ने वाली चौबेपुर पुलिस को डीआईजी ने दस हजार रुपये का पुरस्कार दिया है।
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बैंक के लिए निकले थे रामवीर
रामवीर सिंह के परिवार में पत्नी सरोज देवी, चार बेटियां, लक्ष्मी, चित्रा, जॉली, ममता और बेटा योगेश है। बड़ी बेटी लक्ष्मी दिल्ली मे एक निजी कंपनी में काम करती है। सूचना पर बुधवार सुबह शहर आई। परिजनों ने बताया कि बैंक जाने की बात कहकर रामवीर घर से निकले थे।
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पनकी थानाध्यक्ष शैलेंद्र यादव ने बताया कि मोहन फार्मासिस्ट है। उसका किरायेदार सौरभ मजदूरी करता है। दरोगा की कार में टक्कर लगने के बाद आरोपियों का उनसे विवाद हुआ। इसी बीच आरोपियोें ने उनके सिर पर शराब की बोतल मार दी। समझौते के बाद दरोगा को उसी की स्कार्पियो से घर छोड़ने निकले।
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तभी इनके मन में दरोगा को लूटने का विचार आया। मारपीट कर उनका मोबाइल, पर्स, नगदी आदि लूट ली। इसी बीच फोन पर उनकी फोटो देखी तो पता चला कि रामवीर सीआईएसएफ में है। फंसने के डर से दोनों ने उनकी हत्या कर दी। एक घंटे में ही आरोपियों को पकड़ने वाली चौबेपुर पुलिस को डीआईजी ने दस हजार रुपये का पुरस्कार दिया है।
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बैंक के लिए निकले थे रामवीर
रामवीर सिंह के परिवार में पत्नी सरोज देवी, चार बेटियां, लक्ष्मी, चित्रा, जॉली, ममता और बेटा योगेश है। बड़ी बेटी लक्ष्मी दिल्ली मे एक निजी कंपनी में काम करती है। सूचना पर बुधवार सुबह शहर आई। परिजनों ने बताया कि बैंक जाने की बात कहकर रामवीर घर से निकले थे।