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सब्जी बेचने वाली लेडी डॉन: एक प्रेमी को मारने के लिए दूसरे प्रेमी का सहारा, खूनी खेल से पर्दा उठा तो लोग हैरान रह गए
Tue, 08 Jun 2021 11:13 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 08 Jun 2021 11:13 AM IST
सार
एसटीएफ के मुताबिक वारदात के बाद दीपिका औरैया के बिधूना में अपने परिचित के घर रुकी थी। यहां से कुछ दिन बाद दोनों गाजियाबाद के नंदगांव चले गए और किराये पर रहने लगे। सोमवार को दोनों परिवार वालों से मिलने शहर आए थे। तभी एसटीएफ ने दबोच लिया।
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गैंगस्टर दीपिका शुक्ला
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कानपुर में 31 दिसंबर की रात हुई आशु यादव की हत्या के मुख्य आरोपी गैंगस्टर प्रेमी-प्रेमिका को एसटीएफ ने सोमवार को सुजातगंज पुल के पास से गिरफ्तार कर लिया। हत्या के बाद पुलिस ने दो आरोपियों को तो जेल भेज दिया था लेकिन ये दोनों मुख्य आरोपी छह महीने से फरार थे।
पुलिस ने दोनों पर 50-50 हजार का इनाम भी घोषित किया था। आरोपियों के पास से देसी पिस्टल, कारतूस समेत अन्य दस्तावेज भी बरामद हुए हैं। पूछताछ के बाद एसटीएफ ने हरबंश मोहाल थाने में दोनों को दाखिल किया। इसके बाद जेल भेज दिया गया।
रेलबाजार निवासी आशु यादव की हत्या कर दी गई थी। बर्रा में उसका शव उसी की कार में पड़ा मिला था। पुलिस ने घटना का खुलासा कर किदवईनगर निवासी सचिन वर्मा व किशन वर्मा को जेल भेजा था। पुलिस ने दावा किया था कि शिवली कानपुर देहात निवासी गैंगस्टर दीपिका शुक्ला से आशु के संबंध थे। दीपिका सब्जी बेचने का काम करती थी।
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उधर, दीपिका के हरबंश मोहाल निवासी गैंगस्टर अमित गुप्ता से भी संबंध थे। दीपिका ने जब आशु से दूरी बनानी शुरू कर दी तो वह उसके पीछे पड़ गया। तब दीपिका ने साजिश के तहत उसे अपने घर बुलाया। यहीं पर अमित के साथ मिलकर गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। एसटीएफ इंस्पेक्टर शैलेंद्र सिंह ने बताया कि सर्विलांस की मदद से दोनों की गिरफ्तारी की गई।
शरण देने वालों की जांची जाएगी भूमिका
एसटीएफ के मुताबिक वारदात के बाद दीपिका औरैया के बिधूना में अपने परिचित के घर रुकी थी। यहां से कुछ दिन बाद दोनों गाजियाबाद के नंदगांव चले गए और किराये पर रहने लगे। सोमवार को दोनों परिवार वालों से मिलने शहर आए थे। तभी एसटीएफ ने दबोच लिया। जांच में पता चला कि आशु के पास से लूटी गई अंगूठियां व चेन इटावा निवासी किसी रिंकू को बेचने के लिए दी थी। एसटीएफ अब रिंकू की तलाश कर रही है। आरोपियों को शरण देने वालों पर भी शिकंजा कसा जाएगा।
आरोपियों ने कबूला जुर्म
अमित ने बताया कि जब वह जेल में था तो उसकी मुलाकात दीपिका के पति से हुई। दीपिका पति से मिलने जेल आई तो उसने भी मुलाकात की। जेल से बाहर निकलने पर अमित ने दीपिका से संपर्क किया। इसके बाद दोनों में नजदीकियां बढ़ गईं। अमित का कहना है कि आशु दीपिका को परेशान करता था। फोन पर धमकियां देता था। साथ रहने व संबंध बनाने के लिए जबरदस्ती करता था। इसलिए उसकी हत्या कर दी।
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पुलिस ने दोनों पर 50-50 हजार का इनाम भी घोषित किया था। आरोपियों के पास से देसी पिस्टल, कारतूस समेत अन्य दस्तावेज भी बरामद हुए हैं। पूछताछ के बाद एसटीएफ ने हरबंश मोहाल थाने में दोनों को दाखिल किया। इसके बाद जेल भेज दिया गया।
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रेलबाजार निवासी आशु यादव की हत्या कर दी गई थी। बर्रा में उसका शव उसी की कार में पड़ा मिला था। पुलिस ने घटना का खुलासा कर किदवईनगर निवासी सचिन वर्मा व किशन वर्मा को जेल भेजा था। पुलिस ने दावा किया था कि शिवली कानपुर देहात निवासी गैंगस्टर दीपिका शुक्ला से आशु के संबंध थे। दीपिका सब्जी बेचने का काम करती थी।
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उधर, दीपिका के हरबंश मोहाल निवासी गैंगस्टर अमित गुप्ता से भी संबंध थे। दीपिका ने जब आशु से दूरी बनानी शुरू कर दी तो वह उसके पीछे पड़ गया। तब दीपिका ने साजिश के तहत उसे अपने घर बुलाया। यहीं पर अमित के साथ मिलकर गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। एसटीएफ इंस्पेक्टर शैलेंद्र सिंह ने बताया कि सर्विलांस की मदद से दोनों की गिरफ्तारी की गई।
शरण देने वालों की जांची जाएगी भूमिका
एसटीएफ के मुताबिक वारदात के बाद दीपिका औरैया के बिधूना में अपने परिचित के घर रुकी थी। यहां से कुछ दिन बाद दोनों गाजियाबाद के नंदगांव चले गए और किराये पर रहने लगे। सोमवार को दोनों परिवार वालों से मिलने शहर आए थे। तभी एसटीएफ ने दबोच लिया। जांच में पता चला कि आशु के पास से लूटी गई अंगूठियां व चेन इटावा निवासी किसी रिंकू को बेचने के लिए दी थी। एसटीएफ अब रिंकू की तलाश कर रही है। आरोपियों को शरण देने वालों पर भी शिकंजा कसा जाएगा।
आरोपियों ने कबूला जुर्म
अमित ने बताया कि जब वह जेल में था तो उसकी मुलाकात दीपिका के पति से हुई। दीपिका पति से मिलने जेल आई तो उसने भी मुलाकात की। जेल से बाहर निकलने पर अमित ने दीपिका से संपर्क किया। इसके बाद दोनों में नजदीकियां बढ़ गईं। अमित का कहना है कि आशु दीपिका को परेशान करता था। फोन पर धमकियां देता था। साथ रहने व संबंध बनाने के लिए जबरदस्ती करता था। इसलिए उसकी हत्या कर दी।